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सच बोलना साहस है, भीड़ नहीं देती दिशा सिर्फ धक्का देती है : जब आप सिद्धांतों पर अडिग रहते हैं, वहीं से शुरू होती है असली यात्रा : सर्वार्थ सागर जी


विरागोदय तीर्थ पथरिया में पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी के चातुर्मास के दौरान सर्वार्थ सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आज के समय में सच बोलना साहस का कार्य है। भीड़ दिखावे और झूठ की ओर भागती है, लेकिन सच्चा व्यक्ति अपने सिद्धांतों पर अडिग रहकर ही वास्तविक यात्रा शुरू करता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…


विरागोदय तीर्थ पथरिया (म.प्र.) 30 सितंबर 2025। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष श्री अभिषेक अशोक पाटील ने जानकारी दी कि पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ का चातुर्मास विरागोदय तीर्थ पथरिया में चल रहा है।

इसी क्रम में उनके शिष्य, विचित्र बातों के प्रणेता सर्वार्थ सागर महाराज जी ने प्रवचन में कहा कि आज का समय ऐसा है जब झूठ बोलना आसान और सच बोलना कठिन हो गया है। भीड़ उस ओर भागती है जहां दिखावा और शोर हो, लेकिन सच बोलने वाला व्यक्ति किसी को खुश करने या दिखावा करने की बजाय अपने सिद्धांतों पर अडिग रहता है। यही अकेलापन उसकी वास्तविक ताकत है।

उन्होंने समझाया कि भीड़ दिशा नहीं देती, केवल धक्का देती है। जबकि सिद्धांतों पर टिके रहना ही आत्मबल देता है और वहीं से असली यात्रा शुरू होती है।

भगत सिंह भी अकेले थे, अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई

उदाहरण देते हुए सर्वार्थ सागर जी ने कहा कि महात्मा गांधी अकेले थे जब उन्होंने सत्याग्रह की शुरुआत की। भगत सिंह भी अकेले थे जब उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भी अकेले थे जब उन्होंने भारत को अंतरिक्ष में उड़ते हुए देखने का सपना देखा। महाराज जी ने श्रोताओं को संदेश दिया कि अगर आज आप सच बोलते हैं और अकेले हैं तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। समय भले लगे लेकिन वही सच एक दिन आपकी पहचान बन जाएगा।

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