समाचार

आज प्रदोष एवं निशीथ काल में दीपावली पूजन मुहूर्त: निशीथ काल और सिंह लग्न में लक्ष्मी जी का पूजन और साधना कर सकते हैं


दीपावली का पर्व गुरुवार और शुक्रवार को दोनों दिन मनाया जा सकता है। पूजन के लिए मुहुर्त की जानकारी से अवगत करवा रहे हैं। ऑफिस, फैक्टी, दुकान सहित घरों में पूजन के लिए भी खास मुहुर्त बताए गए है। पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस दिन 31 अक्टूबर गुरुवार को अमावस्या तिथि दोपहर 3 बजकर 52 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 1 नवंबर शुक्रवार को शाम 6 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। इसलिए 31 अक्टूबर गुरुवार को अमावस्या तिथि प्रारंभ होने के बाद ही ऑफिस, फेक्ट्री,दुकान आदि स्थलों पर लक्ष्मी पूजन करना चाहिए। शाम को 4 बजकर 13 मिनट से 5 बजकर 35 बजे तक शुभ का चौघड़िया अमावस्या तिथि का समावेश रहेगा, जो ऑफिस, फेक्ट्री, दुकान पर पूजन के लिए शुभ समय प्रारंभ होगा।

सायं 5 बजकर 35 मिनट से 7 बजकर 13 मिनट तक अमृत की चौघड़िया और अमावस्या तिथि का समावेश रहेगा। सायं काल 5 बजकर 35 मिनट से 8 मिनट 13 रात तक प्रदोष काल का समय रहेगा। इसी के साथ में स्थिर वृषभ लग्न शाम को 6 बजकर 24 मिनट से 8 मिनट 19 तक रहेगी। ऑफिस और फैक्ट्री के लिए पूजन का समय शाम को 4 बजकर 13 मिनट से शाम को 7 मिनट 35 तक शुभ और अमृत की चौघड़िया और प्रदोष काल युक्त शुभ है।

वहीं घरों में लक्ष्मी पूजन के लिए भी गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 35 मिनट से लेकर के रात्रि 8 बजकर 13 मिनट तक प्रदोष काल अमृत की चौघड़िया एवं स्थिर वृषभ लग्न विशेष शुभ है। जो निशीथ काल और सिंह लग्न में लक्ष्मी जी का पूजन और साधना करना चाहते हैं उनके लिए महानिशिथ काल रात्रि 11 बजकर 35 मिनट बजे से 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
3
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page