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आदर्श संतान की कामना के लिए माता-पिता को बनना होगा आदर्श - मुनि प्रतीकसागरजी    ऋषभ कथा के दूसरे दिन मुनि प्रतीकसागरजी ने बताया सुखी गृहस्थ जीवन का सार  


ऋषभ कथा के दूसरे दिन की सभा में बोलते हुए मुनि प्रतीकसागर जी ने कहा कि पपि और पत्नी के रिश्ते तीर्थंकर ऋषभदेव के माता पिता नाभिराय व मरुदेवी जैसे मधुर और एक-दूसरे को सम्मान देने वाले होने चाहिए। पति और पत्नी का रिश्ता ठंडा और गरम का मिश्रण होना चाहिए। जब कभी एक का मिजाज गरम तो दूसरे को अपना मिजाज ठंडा रहना चाहिए। पढि़ए राहुल जैन की रिपोर्ट…    


आगरा। ऋषभ कथा के दूसरे दिन की सभा में बोलते हुए मुनि प्रतीकसागर जी ने कहा कि पपि और पत्नी के रिश्ते तीर्थंकर ऋषभदेव के माता पिता नाभिराय व मरुदेवी जैसे मधुर और एक-दूसरे को सम्मान देने वाले होने चाहिए। उन्होंने बताया कि जब भी महारानी मरुदेवी राजदरबार में महाराजा नाभिराय से कुछ कहने जाती थीं, तो वह उनका खड़े होकर स्वागत करते थे और अपने आसन के बांये तरफ आसीन करते थे। उन्होंने इस प्रकरण से सीख लेने की बात कहते हुए कहा कि पत्नी अर्धांगनी केवल कहने के लिए नहीं है, हर तरह से वह पति के सुख, दुख सम्पत्ती की आधी मालिक होती है।

पति और पत्नी का रिश्ता ठंडा और गरम का मिश्रण होना चाहिए। जब कभी एक का मिजाज गरम तो दूसरे को अपना मिजाज ठंडा रहना चाहिए। अगर आज का गृहस्थ आदर्श संतान चाहता है तो उसे स्वयं को आदर्श साबित करना होगा। पति और पत्नी सदैव एक-दूसरे से अच्छा संवाद कायम रखें। होनी जाना चाहिए गर्भाधान संस्कार क्रिया इससे पूर्व संध्या पर ऋषभ कथा में उन्होंने कहा कि जब 16 कारण पवित्र भावना मात्र से तीर्थंकर का जन्म होता है तो अच्छी सुन्दर भावना से ही अच्छी सन्तान का जन्म होता है। उन्होंने आदिपुराण का उल्लेख करते हुए बताया कि गर्भवती माता के गर्भस्त शिशु को गर्भधारण करते ही मन्दिर में पूजन पाठ कर गर्भाधान संस्कार क्रिया करनी चाहिए।

इसी प्रकार तीसरा माह पूर्ण होने पर प्रीतिक्रिया, पांचवें माह पर शुभप्रीति क्रिया व सातवें माह घ्रतीक्रिया संस्कार किए जाते हैं। शास्त्रोक्त क्रियाओं से तीतर नहीं तीर्थंकर जैसा बालक जन्मता है! सन्ध्याकालीन सभा में राज्यसभा सांसद श्री नवीन जैन भी उपस्थित हुए और कार्यक्रम की प्रशंसा की व मुनि श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। बालिका मंडल ने किया दीप प्रज्वलन आज का मंगलाचरण बालिका मन्डल ने एवं दीप प्रज्वलन व शास्त्र दान सर्व श्री जगदीश प्रसाद जैन, मनोज जैन बल्लो, अशोक एल आइ सी, राजेश जैन सेठी गया, अमित जैन बोबी, अनिल जैन एफसीआई, समकित जैन आदि ने किया।

इस मौके पर अध्यक्ष राजेश जैन गया वाले, महामंत्री अशोक जैन, मुख्य संयोजक मनोज जैन बाकलीवाल, बॉबी जैन, अखिल जैन, जगदीश प्रसाद जैन, मनोज जैन बल्लों, अजय जैन, अरबिंद जैन, संजू जैन, मधुप जैन, मुकेश जैन, जे.के.जैन, सौरभ जैन, विनीत जैन, अनिल जैन, समकित जैन, शुभम जैन,. मीडिया प्रभारी राहुल जैन एवं सकल जैन समाज मौजूद था। मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि ३ अप्रेल को प्रात: ८.३० पर भव्य रथोत्सव एवं मस्तकाभिषेक का कार्यक्रम होगा।

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