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अहिक्षेत्र की भव्य तीर्थयात्रा में भक्ति रस खूब बरसा : भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन किए, लिया आचार्य वसुनंदी जी का आशीष 


दिगंबर जैन सोशल ग्रुप अंबाह के तत्वावधान में अहिक्षेत्र तीर्थ के लिए विशेष बस यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें अंबाह नगर एवं आसपास के क्षेत्र से लगभग 100 श्रद्धालु शामिल हुए। यह यात्रा 21 अगस्त गुरुवार शाम 7.30 बजे धार्मिक उत्साह और भक्ति भावना के साथ अंबाह से रवाना हुई। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…


अंबाह। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप अंबाह के तत्वावधान में अहिक्षेत्र तीर्थ के लिए विशेष बस यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें अंबाह नगर एवं आसपास के क्षेत्र से लगभग 100 श्रद्धालु शामिल हुए। यह यात्रा 21 अगस्त गुरुवार शाम 7.30 बजे धार्मिक उत्साह और भक्ति भावना के साथ अंबाह से रवाना हुई। यात्रा के लिए बसों को रवाना करने से पहले मंगलाचरण किया गया और भक्ति गीतों के बीच झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जय जिनेंद्र के उद्घोष, भक्ति गीतों और भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं में उत्साह इतना था कि पूरी यात्रा मार्ग में भक्ति गीतों, स्तुतियों और धर्म चर्चाओं का क्रम निरंतर चलता रहा।

तीर्थ स्थल पर पहुंचते ही भक्ति का वातावरण बना

बस को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और यात्रियों को भी विशेष सुविधा के साथ बैठने की व्यवस्था दी गई थी। शुक्रवार को अहिक्षेत्र पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन कर आत्मिक शांति का अनुभव किया। तीर्थ स्थल पर पहुंचते ही भक्ति का वातावरण और गहन हो गया। आचार्यश्री वसुनंदी जी महाराज ससंघ के सान्निध्य ने इस यात्रा को और भी पावन बना दिया। सामूहिक रूप से अभिषेक, पूजन, आरती और प्रवचनों का आयोजन हुआ। जिसमें शामिल होकर श्रद्धालुओं ने अनमोल धर्मलाभ प्राप्त किया। महिलाओं और युवाओं ने भी भक्ति गीत प्रस्तुत कर यात्रा को और भी रंगीन व आध्यात्मिक बना दिया।

नेतृत्व क्षमता की सभी ने प्रशंसा की 

इस यात्रा की सफलता में सबसे उल्लेखनीय योगदान संतोष जैन रिठौना वालों का रहा। उन्होंने पूरी यात्रा को लीड करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखा और अनुशासन और सौहार्द बनाए रखने में विशेष भूमिका निभाई। उनके समर्पण भाव और नेतृत्व क्षमता की सभी ने प्रशंसा की और माना कि ऐसे समर्पित व्यक्तित्व ही समाज को एकजुट और संगठित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। यात्रा में शामिल रिटायर्ड शिक्षक महेशचंद्र जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अहिक्षेत्र तीर्थ की यह यात्रा जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है।

प्रवचनों का लाभ लेना आत्मा को गहन शांति देता है 

उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में समाजजन का एक साथ धर्म यात्रा पर जाना, भगवान के चरणों में पूजन-अर्चन करना और गुरुदेव के प्रवचनों का लाभ लेना आत्मा को गहन शांति और संतोष प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नई पीढ़ी को धर्म से जोड़ने का सर्वाेत्तम माध्यम है और आने वाले समय में समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

यात्रा में इनका योगदान विस्मरणीय रहा 

यात्रा को सफल बनाने में कुलदीप जैन, अमित जैन, विकास जैन, श्रेयांश जैन, राहुल जैन, कपिल जैन, आकाश जैन और आशु जैन सहित अन्य समाजसेवियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन सभी ने मिलकर यात्रियों की सुविधा, भोजन प्रसादी, सीट व्यवस्था और भक्ति कार्यक्रमों का संचालन करते हुए यात्रा को सुगम और अनुशासित बनाए रखा। हर किसी ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाई। जिसके परिणामस्वरूप यात्रा में शामिल हर व्यक्ति को सुखद अनुभव प्राप्त हुआ।

संगठन शक्ति से आस्था को मिलता है बल 

संतोष जैन ने बताया कि अहिक्षेत्र की इस यात्रा ने यह संदेश दिया कि जब समाजजन एकजुट होकर धार्मिक कार्य करते हैं तो न केवल आस्था प्रबल होती है, बल्कि नई पीढ़ी भी अपनी परंपराओं और संस्कारों से जुड़ती है। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप अंबाह की इस पहल ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता और एकता का अद्भुत संदेश दिया है। यात्रा से लौटकर सभी श्रद्धालु भक्ति भाव से अभिभूत और आत्मिक शांति से परिपूर्ण दिखाई दिए।

आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

रजनी जैन ने कहा दिगंबर जैन सोशल ग्रुप अंबाह द्वारा आयोजित अहिक्षेत्र तीर्थ यात्रा अनुशासन, एकता और भक्ति का अद्भुत संगम रही। वरिष्ठ श्रद्धालुओं का साथ इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता रही। यह आयोजन समाज की धार्मिक गतिविधियों में मील का पत्थर साबित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। श्रद्धालुओं ने इस पुण्य यात्रा में भाग लेकर अपने जीवन को धन्य महसूस किया और सभी ने एक स्वर में यही कहा कि ऐसी यात्राओं का आयोजन समय-समय पर होता रहना चाहिए ताकि धर्म की धारा निरंतर प्रवाहित होती रहे।

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