मप्र के नीमच में एक मंदिर में विश्राम कर रहे अल्पसंख्यक जैन समाज के मुनियों पर हिंसक हमला घोर निंदनीय है। इस मामले की गहरी जांच होना चाहिए। दुर्भावनापूर्ण कुकृत्य के पीछे की असली मंशा जगज़ाहिर की जाए। यह बात उप्र के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कही। लखनउ से राजीव सिंघई की पढ़िए यह खबर…
लखनउ। मप्र के नीमच में एक मंदिर में विश्राम कर रहे अल्पसंख्यक जैन समाज के मुनियों पर हिंसक हमला घोर निंदनीय है। इस मामले की गहरी जांच हो न कि दिखावटी कार्रवाई और इस दुर्भावनापूर्ण कुकृत्य के पीछे की असली मंशा जगज़ाहिर हो कि शांतिपूर्ण जैन समाज के आदरणीय, सम्मानीय मुनियों पर ये घातक हमला क्यों हुआ? और सब कुछ त्याग चुके इन मुनियों से भला किसको क्या हासिल होना था? उत्तरप्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसी हिंसक वारदातों से एक पंथ निरपेक्ष देश के अंदर अल्पसंख्यक समुदाय में भय का वातावरण बनता है और वो असुरक्षित महसूस करता है।
इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है और एक उद्यमशील, शांतिप्रिय, अहिंसक, शिक्षित समाज-समुदाय हतोत्साहित होता है। जिसका देश के सामाजिक ताने-बाने और चतुर्दिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।













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