गणाचार्य श्री विराग सागरजी की समाधि स्थली श्री विराग अक्षय तीर्थ, जालना में श्री विशुद्ध सागरजी के मंगल आशीर्वाद से त्रिमूर्ति भगवान विमलनाथ, भगवान अनंतनाथ, भगवान धर्मनाथजी की मूर्ति विराजमान हुई। पढ़िए जालना की यह पूरी खबर…
जालना (महाराष्ट्र) विशुद्ध देशना प्रसारण केंद्र के वैभव बड़ामलहरा भैयाजी ने बताया की इस युग के उत्कृष्ट समाधि धारक गणाचार्य श्री विराग सागरजी की समाधि स्थली श्री विराग अक्षय तीर्थ जालना में परम पूज्य आचार्य भगवन श्री विशुद्ध सागरजी के मंगल आशीर्वाद से त्रिमूर्ति भगवान विमलनाथ, भगवान अनंतनाथ, भगवान धर्मनाथजी को मूर्ति विराजमान हुई।
मंगल सानिध्य में मूर्ति स्थापना
मुनिश्री प्रणव सागरजी महाराज संसघ, आर्यिका विबोधश्री माताजी संसघ के सानिध्य में, ब्रह्मचारी भोला भैया सिलवानीजी के निर्देशन में स्थापना हुई। देवेंद्र कुमार, बीना देवी, सजल, मयूरी, स्नेहा, नेहा, ब्र. परी दीदी, अंशी, मोक्षी, सिद्धांशी, वर्धमान, अभिजात काला परिवार इस मूर्ति के मूर्ति प्रदाता दुर्ग छत्तीसगढ़ है। धन्य है ऐसा परिवार जो निरन्तर ऐसे विशाल जिनबिम्ब विराजमान करते रहते है।
पंचकल्याणक महोत्सव
इस मूर्ति का भव्य पंचकल्याणक महोत्सव आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी संसघ के सानिध्य में एवं आर्यिका विबोधश्री माताजी संसघ का भी मंगल सानिध्य भक्तो को मिलेगा। गणाचार्य श्री विराग सागरजी महाराज की समाधि स्थली श्री विराग अक्षय तीर्थ जालना में पंचकल्याणक महोत्सव 21 मार्च 2025 से 25 मार्च 2025 तक सम्पन्न होगा।













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