समाचार

विद्वानों के शिखर पुरुष ने किया सिद्धार्चना अनुष्ठान : अगाध श्रद्धा-भक्ति के साथ विधान में उमड़े श्रद्धालु


शास्त्री-परिषद के अध्यक्ष डॉ श्रेयांस कुमार जैन द्वारा सिद्धचक्र महामंडल विधान का पुण्यार्जन किया। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन 19 जून से 26 जून तक श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, कैनाल रोड बड़ौत में किया गया। बड़ौत से पढ़िए, डॉ.सुनील जैन की यह खबर…


बड़ौत। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्री परिषद के अध्यक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन बड़ौत द्वारा श्री 1008 श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन 19 जून से 26 जून तक श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, कैनाल रोड बड़ौत में किया गया। वैवाहिक जीवन की सफल एवं सिद्धार्थ यात्रा के 51 वर्ष पूरे होने के सुखद प्रसंग पर आयोजित इस अनुष्ठान में डॉक्टर साहब एवं उनके परिजन, पुरजन, बंधु-बांधव तथा इष्ट मित्रों आदि सभी ने पूरे भक्ति भाव से सिद्ध परमेष्ठी भगवंतों की भक्ति अर्चना की। आयोजन में मुनि श्री निश्चितसागर जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्रि-परिषद् के अध्यक्ष परिवार द्वारा आयोजित यह श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान शास्त्रि-परिषद् के महामंत्री ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के निर्देशन परिषद के उपाध्यक्ष पंडित विनोद कुमार रजवांस के प्रतिष्ठाचार्यत्व तथा संयुक्त मंत्री डॉ. सोनलकुमार जैन, दिल्ली के विधानाचार्यत्व में संगीतकार रामकुमार भोपाल की संगीतमय स्वरलहरियों के माध्यम से हुआ। विधान में विधान पुण्यार्जक दंपती डॉ. श्रेयांस कुमार ज्योतिमाला जैन ने यज्ञनायक-यज्ञनायिका के रूप में, ज्येष्ठ पुत्र-पुत्रवधू आलोक वंदना जैन ने सौधर्म शाचि के रूप में द्वितीय पुत्र पुत्र वधु अंकेश प्रगति जैन ने कुबेर धनश्री के रूप में तथा शताधिक समाजजनों ने सम्मिलित होकर धर्म लाभ लिया।

समाजजनों ने अपने अनुभव व्यक्त करते हुए बताया कि श्री शांतिनाथ जिन मंदिर में पहली बार इतने अधिक जन-समुदाय की उपस्थिति में कोई अनुष्ठान हुआ है। इस अवसर पर शास्त्रिपरिषद्, डॉ. साहब के परिजन तथा स्थानीय समाज के आबालवृद्ध जनों ने डॉ. साहब के पूरे परिवार को इस पुण्यप्रद कार्य के लिए साधुवाद एवं शुभकामनाएं प्रदान की तथा प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page