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श्रमण संस्कृति के आचार्य श्री विद्यासागर जी का द्वितीय समाधि दिवस : जिनवाणी आगम को जीवन का मार्ग बनाने वाले संत आचार्य श्री विद्यासागर जी 


श्रमण संस्कृति के आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का द्वितीय समाधि दिवस मंगलवार को पूरे भारत में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। श्रमण संस्कृति के आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का द्वितीय समाधि दिवस मंगलवार को पूरे भारत में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। राजेश जैन दद्दू ने कहा कि आचार्य श्री जी का देह का विसर्जन भले ही हुआ हो, पर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का तप, संयम, साधना, देशना, उनका तप और करुणा जब-तक सूरज चांद रहेगा तब तक सदा अमर रहेंगे। जिनवाणी आगम को जीवन का मार्ग बनाने वाले इस वसुंधरा के महामहिम युगप्रवर्तक संत का समाधि दिवस हमें आत्मशुद्धि, अहिंसा और वैराग्य की प्रेरणा देता है। उनके उपदेश मानवता को सही दिशा दिखाते रहेंगे। विश्व वंदनीय आचार्य श्री के चरणों में श्रद्धा, समर्पण और शत-शत नमन। महाराज श्री के समाधि दिवस पर कोटि-कोटि त्रिबार नमोस्तु, नमोस्तु शासन जयवंत हो।

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