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हम स्वस्तिक को जिन भावों से बनाते हैं उसी अनुरूप मिलता है फल: 700 श्रद्धालुओं ने स्वस्तिक रचना कर साधना में लिया हिस्सा 


परमात्मा की भक्ति से हर संकट टल जाते हैं। स्वस्तिक बनाने से माता लक्ष्मी का आगमन होता है। यह उद्बोधन उपप्रवर्तक श्रुतमुनि महाराज ने महावीर भवन इमली बाजार में हुई धर्मसभा में दिए। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। परमात्मा की भक्ति से हर संकट टल जाते हैं। स्वस्तिक बनाने से माता लक्ष्मी का आगमन होता है। यह उद्बोधन उपप्रवर्तक श्रुतमुनि महाराज ने महावीर भवन इमली बाजार में हुई धर्मसभा में दिए। स्वस्तिक कैसे अंतरमन के भावों को शुद्ध रखकर बनाना यह उन्होंने सफेद रूमाल पर बनाना सिखाया। उन्होंने कहा कि हम स्वस्तिक को जिन भावों से बनाते हैं उसी अनुसार फल मिलता है। सही स्वस्तिक उचित स्थान पर अंकित करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन, नकारात्मक उर्जा का दूर होना, व्यापार में तरक्की, वास्तु दोष का निवारण होता है। शुभ कार्य की शुरूआत स्वस्तिक से होती है। 700 श्रद्धालुओं ने स्वस्तिक की रचना कर साधना में भाग लिया। धर्मसभा का संचालन प्रकाश भटेवरा ने किया।

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