समाचार

भव्य पट्टाचार्य महोत्सव का शुभारंभ 27 अप्रैल से : देशभर के 350 से अधिक साधु-साध्वियों की होगी सहभागिता


इंदौर के सुमतिधाम में 27 अप्रैल से 2 मई तक छह दिवसीय पट्टाचार्य महोत्सव का आयोजन होगा। इस भव्य आयोजन में 350 से अधिक साधु-साध्वियों और 100 से अधिक ब्रह्मचारी दीदी-भैया की उपस्थिति रहेगी। 30 अप्रैल को आचार्य विशुद्ध सागरजी को पट्टाचार्य पद प्रदान किया जाएगा, साथ ही लेजर शो की विशेष प्रस्तुति होगी। पढ़िए रेखा संजय जैन की विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। गांधी नगर स्थित श्री सुमतिधाम दिगंबर जिनालय में एक ऐतिहासिक और अत्यंत भव्य छह दिवसीय पट्टाचार्य महोत्सव का आयोजन 27 अप्रैल से 2 मई 2025 तक किया जाएगा। इस विशेष आयोजन के मुख्य यजमान मनीष और सपना गोधा हैं, जिन्होंने अपने धन का सत्सदुपयोग कर इस आध्यात्मिक उत्सव को आकार दिया है। वे न केवल समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, बल्कि संतों के आशीर्वाद के भी पात्र हैं।

महोत्सव की मुख्य विशेषताएं:

27 अप्रैल को आयोजन की शुरुआत सुबह 6:30 बजे महावीर बाग से सुमतिधाम तक भव्य जुलूस के साथ होगी। इस जुलूस में क्रमबद्ध रूप से गणाचार्य, आचार्य, उपाध्याय, मुनि, एलक, क्षुल्लक, आर्यिका, ब्रह्मचारी दीदी-भैया और समाजजन शामिल रहेंगे। लगभग 9 बजे यह जुलूस सुमतिधाम पहुंचेगा, जहां मुनिसंघ द्वारा पादप्रक्षालन और भगवान के दर्शन होंगे। इसके बाद देशना मंडप में प्रवचन कार्यक्रम आयोजित होगा। 30 अप्रैल को सुबह 7:30 से 9 बजे तक आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज को पट्टाचार्य पद प्रदान किया जाएगा। तत्पश्चात उनके प्रवचन होंगे, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे।

जन्म जयंती 2 मई को

2 मई को आचार्य विराग सागर जी महाराज की जन्म जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इस आयोजन में 350 से अधिक साधु-साध्वियों की उपस्थिति दर्ज होगी, साथ ही 100 से अधिक ब्रह्मचारी दीदी और भैया भी शामिल रहेंगे। आयोजन की तैयारियां पिछले छह महीनों से की जा रही हैं। आमंत्रण पत्रिका स्वयं आयोजक मनीष गोधा ने देशभर के साधु-संतों को जाकर दी है।

चार भोजनशालाएं

देशना मंडप, जो आयोजन का मुख्य स्थल है, एक विशाल एयर कंडीशन्ड हॉल है जिसका आकार 200 x 500 फीट है और इसमें 25,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। आहार के पश्चात संघ वात्सल्य मंडप में विराजमान होंगे। भोजन व्यवस्था भी अत्यंत भव्य स्तर की है। श्रावकों के लिए चार भोजनशालाएं बनाई गई हैं, जिनकी प्रत्येक की क्षमता 25,000 लोगों की है। त्यागीवृत्ति साधकों के लिए 5,000 लोगों की पृथक सोला भोजनशाला बनाई गई है। ब्रह्मचारी, भट्टारक, दीदी-भैया और विद्वानों के लिए भी पृथक भोजनशालाएं हैं।

आयोजन की दिनचर्या इस प्रकार होगी:

-प्रत्येक दिन सुबह 10:30 बजे आहारचर्या के लिए सभी संघ प्रस्थान करेंगे।

-दोपहर 3 से 5 बजे तक देशना मंडप में प्रवचन होंगे।

-शाम 6 बजे सामायिक, आचार्य भक्ति और आरती का कार्यक्रम होगा।

-रात 7:30 बजे सुमतिनाथ भगवान की आरती के बाद प्रतिदिन अलग-अलग लेज़र शो प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें 2,000 ड्रोन के माध्यम से जैन आगम, आदिनाथ गाथा, महावीर चरित्र और सम्राट खारवेल की गाथाएं प्रस्तुत की जाएंगी। विशेष रूप से 30 अप्रैल को पट्टाचार्य महोत्सव पर एक विशिष्ट लेजर शो होगा।

कोई वीआईपी एंट्री नहीं

पूरे आयोजन का क्षेत्रफल 65 एकड़ में फैला हुआ है। आयोजन स्थल पर चार भोजनशालाएं, 400 चौके, 12 डोरमेट्री (प्रत्येक में 100 लोगों की व्यवस्था), 200 एसी क्वार्टर (प्रत्येक में 6 लोगों की व्यवस्था), और 20 एकड़ की पार्किंग व्यवस्था की गई है। इसके अलावा विराग सागर महाराज की झांकी, शास्त्र प्रदर्शनी, समवशरण रचना, नर्क और स्वर्ग का दर्शन तथा बच्चों के लिए धार्मिक खेलों का प्ले ज़ोन भी शामिल है। शाम को प्रतिदिन पाठशाला का भी आयोजन होगा। इस कार्यक्रम की एक अनूठी विशेषता यह है कि इसमें कोई भी वीआईपी एंट्री नहीं होगी। सभी को पूर्व पंजीकरण कराना अनिवार्य है और सभी आगंतुकों को एक ही श्रेणी में रखा जाएगा। बिना पंजीकरण किसी को भी आयोजन स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page