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79वें स्वतंत्रता दिवस की शान है निराली : भारत को अखंड भारत बनाएं ये गीत गुनगुनाएं


आज आजादी का 79वां राष्ट्रीय पर्व सगर्व मनाया जा रहा है। घर घर तिरंगा, हर घर तिरंगा शान से लहराया जा रहा है। इस बीच अजीत कोठिया डडूका (बांसवाड़ा) राज. से यह कविता प्रस्तुत कर रहे हैं…


कविता:-

आजादी का पर्व

 

स्वाधीनता दिवस आया

रंग तीन है लाया।

केसरिया बलिदानों का,

श्वेत शांति और अहिंसा का,

हरा रंग हरियाली का।

आओ इनको अपनाए,

हर घर तिरंगा फहराए।

नहीं डरे हम जग मे किसी से,

आतंकवाद भगाएं,

रोड़ा बने शांति के पथ पर

पाकिस्तान, चीन, अमरीका

उनको धूल चटाएं,

सामरिक शक्ति बढ़ाए।

ये वक्त एक रहने का है,

मिल जुल संकट सहने का।

जो अब हम से टकराए,

वो चूर चूर हो जाए।

है वीर जवां सीमा पर

जल पर, थल पर, नभ में भी

हम सबका मान बढ़ाए।

सरहद को भारत भू की,

नापाक छू न कोई पाए।

आओ ले शपथ ये मिलकर

भारत पर प्राण लुटाए।

कश्मीर है शान हमारी

पाक से कश्मीर भी लाए।

आओ हम सब अब मिलके

अखंड भारतवर्ष बनाए,

जन गण मन दिल से गाएं।

 ….अजीत कोठिया डडूका

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