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अहिंसा प्रवर्तन रथ एवं संस्कार शिविर का आयोजन : संपूर्ण दिगंबर समाज ने की अगवानी


आचार्य सुनील सागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से प्रवर्तन रथ संपूर्ण भारत में सत्य, अहिंसा, सदाचार, शाकाहार, मैत्री भाव और व्यसन मुक्ति का संदेश प्रसारित करता हुआ 70000 किलोमीटर की यात्रा पूर्ण करेगा। इस अहिंसा प्रवर्तन रथ का नौगामा नगर में मंगल प्रवेश हुआ। प्रातः कालीन बेला में दिगंबर जैन समाज द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…


नौगामा। परम पूज्य आचार्य सुनील सागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से प्रवर्तन रथ संपूर्ण भारत में सत्य, अहिंसा, सदाचार, शाकाहार, मैत्री भाव और व्यसन मुक्ति का संदेश प्रसारित करता हुआ 70000 किलोमीटर की यात्रा पूर्ण करेगा। इस अहिंसा प्रवर्तन रथ का नौगामा नगर में मंगल प्रवेश हुआ। प्रातः कालीन बेला में दिगंबर जैन समाज द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रवर्तन रथ के साथ चल रहे पप्पू भैया ने बताया कि परम पूज्य आचार्य सुनील सागर जी महाराज जी द्वारा संपूर्ण भारत में सत्य अहिंसा का प्रचार करते हुए संपूर्ण भारतवर्ष में यह रथ भ्रमण करेगा।

आज इस अवसर पर नौगामा नगर में संपूर्ण दिगंबर जैन समाज द्वारा पवर्तन रथ की अगवानी के बाद विशाल भगवान महावीर स्वामी की पाषाण की प्रतिमा का अभिषेक शांति धारा बड़े भक्ति भाव से की गई। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य गांधी मनीष चंद्र, सुरेश चंद्र मीठालाल नौगामा को प्राप्त हुआ एवं उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने भी बारी-बारी से अभिषेक का लाभ लिया। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा मंगल गीत गाए। वर्तमान में नौगामा नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर द्वारा संस्कार शिविर का भी आयोजन चल रहा है। इस अवसर पर उपस्थित सांगानेर से पधारे पीयूष भैया शिविर संयोजक अंकेश शास्त्री, दीपेश शास्त्री एवं समस्त छात्र-छात्राओं ने भी अभिषेक का लाभ लिया एवं सामूहिक रूप से पूजन की शाम को सभी छात्रों द्वारा मंगल आरती की गई।

आभार कोषाध्यक्ष रमलाल जैन ने व्यक्त किया। विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी द्वारा भगवान महावीर स्वामी का अर्घ्य सामूहिक रूप से मधुर स्वर लहरों के साथ चढ़ाया गया।

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