त्रिवेणी सभागार, मंडी हाउस में महानाद महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव का आयोजन रागांजलि अकादमी ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स, जिसके संथापक मशहूर संतूर वादक डॉ बिपुल कुमार राय हैं, के द्वारा किया गया। पढ़िए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट…
नई दिल्ली। त्रिवेणी सभागार, मंडी हाउस में महानाद महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव का आयोजन रागांजलि अकादमी ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स, जिसके संथापक मशहूर संतूर वादक डॉ बिपुल कुमार राय हैं, के द्वारा किया गया। रागांजली अकादमी ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स भारतीय संस्कृति एवं संगीत के उत्थान के लिए देश के अनेकों शहरों से युवा तथा वरिष्ठ कलाकारों को एक मंच पपर लाने का कार्य कर रही है। महानाद – महोत्सव 2024 की शुरुआत मधुश्री नारायण के गायन – (त्रिवेंद्रम) से हुई। इन्होंने राग पुरिया कल्याण एवं शहाना कान्हड़ा तथा याद पिया की आई ठुमरी की मधुर प्रस्तुति दी। इनके साथ तबला पर कोलकाता से आए पंडित आदित्य नारायण बनर्जी तथा हारमोनियम पर ललित सिसौदिया ने सराहनीय संगत की।
कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति दिल्ली के पंडित लोकेश आनंद के शहनाई वादन की रही। इन्होंने राग मधुकोंश तथा होली की अद्भुत प्रस्तुति दी। इनके साथ तबला पर अहमदाबाद से पधारे पंडित हिरेन चाटे ने सराहनीय साथ दिए। प्रथम दिवस की अंतिम प्रस्तुति कोलकाता से पधारे वरिष्ठ कलाकार पंडित पार्था बोस ने सितार वादन से दी। उन्होंने वादन की शुरुआत राग गावती से किआ। इसमें अलाप जोड़ के बाद झपताल तथा तीनताल में बहुत ही विद्वतापूर्ण तरीके से गतों को पेश किया। राग भैरवी से सभागार में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इनके साथ कोलकाता से आए लखनऊ घराने के पंडित इंद्रनील मल्लिक ने सराहनीय संगत की।
प्रस्तुति से मन मोह लिया
दूसरे दिन की प्रथम प्रस्तुति बनारस घराने के युवा कलाकार रोहित एवं राहुल मिश्रा के युगलबंदी कर दी। इन्होंने राग यमन तथा दादरा की अद्भुत प्रस्तुति दी। इनके साथ तबले पर अंशुल प्रताप सिंह तथा हारमोनियम पर सुमित मिश्रा ने संगत की। द्वितीय प्रस्तुति पुणे के युवा कलाकार राजस उपाध्याय के वायलिन वादन की रही। इन्होंने राग दुर्गा की अद्भुत प्रस्तुति की। तबले पर बनारस घराने के वरिष्ठ कलाकार पंडित मिथिलेश झा ने संगत की। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति डॉ. अविनाश कुमार का गायन रहा। इन्होंने राग जोगकोन्स तथा भैरवी की अद्भुत प्रस्तुति दी। इनके साथ तबले पर पंडित दुर्जय भौमिक तथा हारमोनियम पर जाकिर धोलपुरी ने सराहनीय संगत की। सभागार में दिल्ली के प्रसिद्ध कलाकारों में पंडित चेतन जोशी, पंडित रजनीश मिश्रा, सुमित पांडेय, नयनिका घोष, राजकिशोर सिंह इत्यादि तथा अनेक रसिक कलाकारों एवं संगीत प्रेमियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन शशिप्रभा तिवारी के द्वारा किया गया।













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