अंजनी नगर स्थित पार्श्व संत सदन भवन, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री अभिनंदन सागर महाराज जी से दीक्षित, आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज से शिक्षित अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री अनुश्रमण सागर जी महाराज के सानिध्य में हो रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति के लिए महायज्ञ के छठे दिन इंद्र-इंद्राणियों ने मंडप पर 256 अर्घ्य सिद्धों का गुण गान करते हुए चढ़ाए। इस अवसर पर मुनि श्री के प्रवचन भी हुए। पढ़िए नितिन पाटोदी की विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। अंजनी नगर स्थित पार्श्व संत सदन भवन, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री अभिनंदन सागर महाराज जी से दीक्षित, आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज से शिक्षित अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री अनुश्रमण सागर जी महाराज के सानिध्य में हो रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति के लिए महायज्ञ के छठे दिन 256 अर्घ्य अर्पित गए। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन “पंचायती” मंदिर, अंजनी नगर के अध्यक्ष देवेंद्र सोगानी और विधान संयोजक ऋषभ पाटनी ने बताया कि गुरुवार को मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में सिद्धचक्र मंडल विधान में कुल 256 अर्घ्य अर्पित किए गए। इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि राम ने धर्म का पालन किया इसलिए राम आज सभी के हृदय में विराजमान रहते हैं परंतु रावण धर्म को समझते हुए भी अधर्म के रास्ते पर चला गया इसलिए रावण का नाम भी आज कोई रखना नहीं चाहता। अतः धर्म ही श्रेष्ठ है। इसे कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए।
प्रत्येक अर्घ्य की महिमा बताई

इससे पहले सुबह 6 बजे मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजा के बाद विधान की क्रियाएं प्रारम्भ की गईं। मंदिर कमेटी के सुरेश जैन ने बताया कि विधानाचार्य और मुनि श्री के मार्गदर्शन पर मंडल में सभी मुख्य पात्रों, इंद्र-इंद्राणियों ने श्रीफल व द्रव्य लेकर हर अर्घ्य उत्सव के माहौल में अर्पित किए। मुनि श्री द्वारा प्रत्येक अर्घ्य पर उसकी महिमा बताई गई, जिसे सुन सभी इंद्र – इंद्राणियों ने बड़े ही भक्ति भाव से अर्घ्य अर्पित किए। विश्व शांति के लिए की गई आज की शांतिधारा के लाभार्थी दिलीप-मधुरिमा लुहाड़िया, प्रद्युम्न-प्रासुक जैन, राजेश- स्वाति जैन व कमल-रेखा पाटनी रहे। मंडल पर 108 लौंग द्रव्य प्रदाता हेमन्त -अनिता गदिया की ओर से अर्पित किए गए। शाम को बड़े ही भक्ति भाव से पूज्य मुनि संघ की गुरु भक्ति की गई, साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा मंडल पर विराजमान श्रीजी की आरती की गई। आज विनती का आयोजन प्रदुम्न-नीना जैन द्वारा आयोजित किया गया, उन्होंने सभी आगुन्तकों को प्रभावना के रूप में श्रीफल वितरित किये। मुनि श्री पूज्य सागर जी ने सभी को मंगलमय आशीर्वाद दिया।
पूजन थाली सजाओ प्रतियोगिता
कार्यक्रम में आज पूजन थाली सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम पुरस्कार वर्षा विकास जैन को, दूसरा पुरस्कार सपना सोनल जैन को और तीसरा पुरस्कार निर्मला जैन को प्राप्त हुआ। हितांशी (पिता – निलेश जैन) सोनकच्छ ने जन्मदिन के अवसर पर मुनि श्री पूज्य सागर महाराज का पाद प्रक्षालन किया।














Add Comment