दिगंबर गणाचार्य विराग सागर जी महाराज की सुशिष्या गणिनी आर्यिका श्री विशिष्ट श्री माताजी ससंघ 10 पिच्छी का मंगलवार प्रातः 1008 श्री चंद्रप्रभ जिनालय में बैंडबाजों के जुलूस के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। धरियावद से पढ़िए, श्रीफल साथी अशोक कुमार जेतावत की यह खबर…
धरियावद, 6 जनवरी। दिगंबर गणाचार्य विराग सागर जी महाराज की सुशिष्या गणिनी आर्यिका श्री विशिष्ट श्री माताजी ससंघ 10 पिच्छी का मंगलवार प्रातः 1008 श्री चंद्रप्रभ जिनालय में बैंडबाजों के जुलूस के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। माताजी ससंघ का प्रतापगढ़ में 2025 का मंगल वर्षायोग अपूर्व धर्म प्रभावना के साथ संपन्न हुआ था। माताजी देवगढ़, पूंगा तालाब, पिपलिया, जेलदा, हिमवन और नंदनवन होते हुए धरियावद नगर पहुंचे। समाज के सेठ करणमल ने बताया कि माताजी का अल्प प्रवास नगर वासियों को प्राप्त होगा। धर्मनगरी धरियावद को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जी जैन के नाम से देशभर में जाना पहचाना जाता है। नगर की श्रद्धा-भक्ति अनूठी है, जो साधुओं को अपने प्रवास हेतु विवश कर देती है।













Add Comment