मुरैना के पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के अंतर्गत तत्वार्थ सूत्र ग्रंथ का विशेष वाचन चल रहा है। विद्वान नीरज जैन शास्त्री सूत्रों का पाठ कर रहे हैं और मुनि श्री विलोक सागर जी महाराज उनके अर्थ का गहन वर्णन कर रहे हैं। पढ़िए मनोज जैन नायक की खास रिपोर्ट…
मुरैना। धर्म नगरी मुरैना में दसलक्षण महापर्व के अवसर पर धर्म की गंगा बह रही है। इन दिनों श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर मुरैना में भक्ति और श्रद्धा का विशेष माहौल बना हुआ है। प्रातःकालीन पूजन, अभिषेक, शांतिधारा और विधान सम्पन्न हो रहे हैं। दोपहर 2:30 बजे से मुनि श्री 108 विलोक सागर जी महाराज के सानिध्य में ग्रंथराज तत्वार्थ सूत्र के दसों अध्यायों का वाचन महिला मंडल और बालिका मंडल द्वारा किया जा रहा है। तत्वार्थ सूत्र के मंत्रों का पाठ सांगानेर के विद्वान नीरज जैन शास्त्री कर रहे हैं।
आश्रव के 108 द्वारों पर विस्तृत चर्चा की
वाचन के बाद मुनि श्री विलोक सागर जी महाराज अपने मुखारविंद से छठे अध्याय की गहन व्याख्या प्रस्तुत कर रहे हैं। आज विशेष रूप से छठवें अध्याय के आठवें सूत्र की विवेचना करते हुए उन्होंने आश्रव के 108 द्वारों पर विस्तृत चर्चा की। इस दिव्य कक्षा में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष श्रद्धापूर्वक सहभागी बने। मुरैना नगरी में धर्म प्रभावना का यह आयोजन समाज में गहन आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है।













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