श्री 1008 आदिनाथ त्रिकाल चोवीसी मज्जिनेन्द्र अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महा महोत्सव कल्पतरु में तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। श्री 1008 आदिनाथ त्रिकाल चोवीसी मज्जिनेन्द्र अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महा महोत्सव कल्पतरु में आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के परम शिष्य मुनिश्री 108 आदित्य सागरजी महाराज मुनिश्री अप्रमित सागर महाराज, मुनिश्री सहज सागर महाराज के परम सानिध्य मे प्रतिष्ठाचार्य पं पवन दीवान एवं बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया सह प्रतिष्ठाचार्य पं नितिन झांझरी के पावन निर्देशन में तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया।

आदिकुमार की बारात निकाली
सुबह 6 बजे भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद पूजन किया गया। आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण पीसी जैन, अर्पित वाणी ने दीप प्रज्वलन किया। आदिकुमार की बारात निकाली गई एवं नंदा-सुनंदा के साथ विवाह हुआ, फिर राज्याभिषेक एवं राज्य पद स्वीकार कर राज्य का संचालन किया। आदिकुमार की दो बेटियां हुई। ब्राम्ही और सुन्दरी उनको शिक्षा प्रदान की गई। लोकांतिक देवों का आगमन हुआ। देवों ने स्वर्गलोक से सुन्दरी निलांजना को बुलाकर उसका नृत्य करवाया। सुन्दरी नृत्य करते हुए गिर पड़ी तो आदिकुमार को बहुत दुख हुआ। यह देखकर उनके दीक्षा के भाव हुए।


लोकांतिक देवों ने दीक्षा की अनुमोदना की और मुनिश्री के हाथों से उन्हें दीक्षा के संस्कार दिए गए। जेसवाल महिला मंडल एवं युवा संगठन के द्वारा भव्य आरती की गई। शाम को कवि सम्मेलन हुआ। कवि सम्मेलन के सूत्रधार कवि दिव्यकमल ध्वज कोटा से आए और उनके साथ उनकी पूरी टीम आई।













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