Tag - समाधि स्थली श्री चन्द्रप्रभ जिनालय

समाचार

आहार दान देने से भव्य जीव तीर्थंकर श्री शांतिनाथ बने : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रातः दान का महत्व और व्यसन के दुष्परिणामों को बताया

आर्यिका श्री सुपार्श्वमति जी की समाधि स्थली श्री चन्द्रप्रभ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी चंद्रप्रभ जिनालय में 36 साधु सहित ग्रीष्म कालीन वाचना हेतु...

You cannot copy content of this page