दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
Tag - प्रवचन
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के प्रवचनों का सार जीवन मूल्यों को बदलने में महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो रहा है। मुनिश्री की धर्मसभाओं में जैन समाज के श्रावक...
जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
आचार्य श्री के प्रथम समाधि दिवस पर विशेष : गुरुवर की अप्रतिम मुस्कान से मुरझाए चेहरे भी खिल-खिल जाते
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, एक महान जैन आचार्य और दिव्य तत्वज्ञानी थे, जिन्होंने भारतीय समाज में अहिंसा, सत्य, और आत्मकल्याण के मार्ग को फैलाने में...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में मनुष्य जीवन में जन्म, कर्म और धर्म के महत्व को प्रतिपादित करते हुए देशना दी। मुनिश्री की धर्मसभा...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ससंघ और आर्यिका संघ ने शुक्रवार को पारसोला से विहार किया। इस अवसर पर यहां के सकल जैन समाज ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। आचार्यश्री ने...
आर्यिका रत्न श्री विशुद्धमति माताजी एवं आर्यिकारत्न श्री विज्ञमति माताजी ससंघ ने बैंडबाजों के साथ नेमिनाथ उद्यान नुनिहाई जैन मदिर से मंगल विहार कर...








