Tag - प्रवचन

समाचार

दोहों का रहस्य -33 आत्मज्ञान अमूल्य है, और इसे हर किसी को नहीं बताया जाना चाहिए : सही समय का इंतजार करना ही सबसे बड़ी समझदारी होती है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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पापी पर क्रोध न करें उसका स्वभाव है पाप करना : आचार्यश्री दे रहे जीवन, कर्म, धर्म, संयम के उपदेश 

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज कटनी में धर्म सभा को संबोधित कर रहे हैं। उनके प्रवचन को बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हो रहे हैं। प्रवचनों से धर्मलाभ ले रहे हैं। आइए...

आपका चौका,आपका आहार समाचार

आपका चौका, आपका आहार बिना मैदे के बनाएं मसाला मठरी : छोटी-छोटी भूख मिटाएगी यह करारी मठरी

अगर आप चाहती हैं कि अपने घरवालों के लिए कुछ ऐसा बना कर रखें, जिसमें मैदा न हो तो आप आटे ये करारी मसाला मठरी बना सकती हैं। इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करके...

समाचार

पापी पर क्रोध न करें उसका स्वभाव है पाप करना : आचार्यश्री दे रहे जीवन, कर्म, धर्म, संयम के उपदेश 

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज कटनी में धर्म सभा को संबोधित कर रहे हैं। उनके प्रवचन को बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हो रहे हैं। प्रवचनों से धर्मलाभ ले रहे हैं। आइए...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-1 स्वास्थ्य और अहिंसा की ओर कदम : भगवान महावीर के मार्गदर्शन में समझें पैदल चलने का महत्व

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य -32 यह शरीर क्षणिक है और किसी भी समय समाप्त हो सकता है : हर सांस में ईश्वर का नाम लेना ही सच्ची भक्ति और सच्चा जीवन है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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जिसको धोख दी जाती है उसे कभी धोखा मत देना,यह बर्बादी का कारण बनता है-मुनिपुंगव श्री सुधासागरजीः अज्ञानी बनकर स्वाध्याय करो 

हमारी अच्छी जिंदगी में जो कुछ भी बुरा है जो कुछ भी बुराइयां है, बुरा क्षेत्र है, बुरा काल है, बुरी संगति ये सब मेरे सीमित ही नहीं, नष्ट हो जाये, ये भावनाएं जो...

समाचार

शरीर के प्रति ममत्व भाव नहीं रख,साधु शरीर के प्रति विरक्ति रखते हैं-आचार्यश्री वर्धमान सागरजीः श्रावक-श्राविकाओं के लिए संस्कार शिविर का आयोजन 

धर्मनगरी मुंगाणा में आचार्यश्री वर्धमान सागरजी संघ सहित विराजित है। आचार्य संघ सानिध्य में प्रतिदिन प्रातःपंचामृत अभिषेक, शास्त्र प्रवचन, दोपहर को स्वाध्याय...

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य -31 भगवान को पाने के लिए बाहरी साधनों पर निर्भर न रहें : वास्तविक भक्ति बाहरी कर्मकांडों से नहीं, बल्कि मन से होती है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

मंथन पत्रिका समाचार

दोहों का रहस्य -30 विभिन्न लोग अलग-अलग परिस्थितियों में रहते हैं : हमें अपने जीवन को सत्य, धर्म और सद्गुणों के साथ जीना चाहिए

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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