आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के मंगल सान्निध्य में सहस्त्रनाम विधान का आरंभ हुआ, जिसमें भगवान के 1008 दिव्य गुणों का गुणानुवाद एवं अध्र्य समर्पण श्रद्धा के साथ...
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प्रभु भक्ति की महिमा भी बड़ी न्यारी है। समर्पण भाव से आत्म कल्याण की भावना से की गई भक्ति का सुफल जल्द मिलता है। भक्ति की प्रकृति भी निज का कल्याण ही करती है।...
दशलक्षण महापर्व के अवसर पर दिगंबर जैन सोशल ग्रुप इंदौर मैन द्वारा कांच मंदिर प्रांगण में “भजन हमारे भाग्य तुम्हारे” प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर...
आचार्यश्री वर्धमानसागर जी महाराज नगर में विराजित हैं। यहां उनका पावन वर्षायोग जारी है। नित्य पूजन, अभिषेक, प्रभु भक्ति, आराधना सहित साधनाओं का यहां दौर जारी...
मुरैना में विराजित मुनिश्री विलोक सागर जी महाराज ने रविवार को विनय का महत्व बताया। विनयवान व्यक्ति बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विनयशीलता को बहुत अहम...








