उदयनगर में चातुर्मासिक प्रवचन के माध्यम से धर्म और ज्ञान की गंगा बहा रहीं वंदनीय आर्यिका विज्ञानमति माताजी ने धर्म सभा में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए...
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निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। जानते हैं उनके...
संपूर्ण भारतवर्ष में ज्ञान की धारा युवा विद्वानों से व्यवहृत है। इसका संपूर्ण श्रेय स्वर्गीय रतन लाल बैनाड़ा गुरु को जाता है, जिनका आज जन्म दिवस है। उनके कारण...
पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए भक्तामर वाले बाबा आचार्य विनम्रसागर महाराज ने कहा कि विनय के बिना ज्ञान में वृद्धि नहीं होती।...
जो आज तक किया है अब नहीं करेंगे और जो नहीं किया है वो अब करेंगे। ऐसी विचारधारा जब आपकी अंतस चेतना में आयेगी, तब आप कुछ सुखी हो सकते हैं। उक्त उद्बोधन आचार्य...
चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में प्रवचन : मनुष्य पर्याय चिंतामणि रत्न के समान हैं -आचार्य विनिश्चयसागर
मनुष्य पर्याय से बढ़कर कोई सौभाग्य नहीं हैं, ये सबसे बड़ा सौभाग्य हैं जो आपको प्राप्त हुआ है। आप इसे महसूस करें तभी आप मानव पर्याय की महत्त्वता समझ सकेंगे।...
गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ससंघ ने वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में प्रातःकालीन प्रवचन के दौरान बीते 6 जुलाई को शिक्षण शिविर में अपनी वाणी से सभी...
अगर संसारी माताएं भी पूरी मां बनना चाहती हैं तो वह अपने बच्चों के केवल शरीर का ही पालन पोषण न करें बल्कि उनकी आत्मा को भी संस्कार प्रदान करें, अपने बच्चों को...
विमलनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य चंद्रसागरजी महाराज ससंघ के वर्षा योग में भव्य समारोह के साथ कलश स्थापना हुई। आचार्य संघ ने प्रथम कलश के लाभार्थी शैलेंद्र...
कस्बे में बीते सोमवार को आचार्य आज्ञा सागर महाराज के सानिध्य में मंगल कलश की स्थापना की गई। जिसमें जैन समाज के 72 गांवों के लगभग 2000 लोग कार्यक्रम के साक्षी...








