Tag - धर्मसभा

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आचार्य विद्यासागर महाराज का बच्चों ने किया अष्ट द्रव्य से पूजन : पाठशाला से संस्कारित होते हैं बच्चे- आर्यिका धारणा मति 

आर्यिका रत्न 105 धारणामति, आर्यिका श्री मुदितमति, आर्यिका शास्त्रमति माता जी ससंघ का चातुर्मास नगर की ह्दय स्थली श्री महावीर विद्या विहार में चल रहा है।...

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धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : पुण्य को ठुकराकर जो आता है उसकी कथा पुराण बन जाती है – मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आज अमीरी बहुत बड़ी सजा है कि तुम चाहकर भी भगवान का नाम नहीं ले पा रहे।...

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चातुर्मासिक प्रवचन में बह रही ज्ञान की गंगा : कंठ में विद्या और गांठ में पैसा समय पर काम आता है -विज्ञानमति माताजी

उदयनगर में चातुर्मासिक प्रवचन के माध्यम से धर्म और ज्ञान की गंगा बहा रहीं वंदनीय आर्यिका विज्ञानमति माताजी ने धर्म सभा में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए...

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धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : जैनी सदा पापियों के लिए अपशुकन है – मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि कर्म की अदालत में कोई लेन-देन नहीं करना। हर्ष पूर्वक सजा को ग्रहण करना...

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आचार्य विशुद्धसागर गुरुदेव ने धर्मसभा में कहा : धर्म, समाज, संस्कृति, परिवार की उन्नति के लिए पुरुषार्थ करें

दिगम्बराचार्य विशुद्धसागर गुरुदेव ने शनिवार को धर्मसभा में प्रवचन देते हुए हुए कहा कि कार्य करने का अधिकारी वही होता है जो लगनशील, धैर्यवान, शक्तिशाली तथा...

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आचार्य ससंघ का सागवाड़ा में मंगल प्रवेश : अहिंसा परमो धर्म यही जैन धर्म की मूल अवधारणा- आचार्य सुंदर सागरजी महाराज

आचार्य आदिसागर परंपरा के तृतीय पट्टाधीश व आचार्य सन्मति सागरजी महाराज के शिष्य आचार्य सुंदर सागरजी महाराज ससंघ का वर्षायोग को लेकर शुक्रवार को सागवाड़ा में...

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चातुर्मासिक प्रवचन में धर्मसभा को किया संबोधित :  महान बनना तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना – मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। पढ़िए शुभम जैन की...

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चातुर्मासिक प्रवचन में धर्मसभा : अहिंसा धर्म ही सर्व श्रेष्ठ है – आचार्य विशुद्धसागर महाराज

दिगम्बराचार्य पूज्य श्री विशुद्धसागर जी गुरुदेव ने धर्म सभा में सम्बोधन करते हुए कहा कि अहिंसा-धर्म ही सर्व-श्रेष्ठ है, जीव रक्षा से बढ़कर अन्य कोई धर्म नहीं...

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चातुर्मासिक प्रवचन में बह रही ज्ञान की गंगा : धर्म निष्ठ, विनयवान और सदगृहस्थ बनकर ढोंग का नहीं, ढंग का जीवन जियो -विज्ञानमति माताजी

उदयनगर में चातुर्मासिक प्रवचन के माध्यम से धर्म और ज्ञान की गंगा बहा रहीं वंदनीय आर्यिका विज्ञानमति माताजी ने धर्म सभा में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए...

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धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : माता-पिता के प्रतिकूल न चलें- मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। जानते हैं उनके...

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