Tag - जैन प्रवचन

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आत्मविश्वास, मंत्र शक्ति और निर्मल भावों पर दिया ज्ञानवर्धक प्रवचन; निर्मल परिणाम जीवन को भी निर्मल बनाते हैं – आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी

रामगंजमंडी में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि यदि हमारे परिणाम निर्मल होंगे तो जीवन भी निर्मल होगा। उन्होंने आत्मविश्वास, मंत्र जाप...

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भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक पर्व इंदौर में श्रद्धा और भक्ति से मनाया : नवग्रह क्षेत्र ग्रेटर बाबा में मुनिश्री ससंघ के सान्निध्य में चढ़ाया गया निर्वाण लड्डू

इंदौर के नवग्रह क्षेत्र स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक पर्व पर भक्तिभाव से निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। मुनिश्री सुयशसागर जी व...

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मोक्ष पर्व पर परिवहन नगर जैन मंदिर में चढ़ाया निर्वाण लड्डू : मुनिश्री पूज्य सागरजी के सान्निध्य में पार्श्वनाथ भगवान का भक्ति भाव से पूजन

इंदौर के श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर, परिवहन नगर में भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक अवसर पर मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज के सान्निध्य में निर्वाण...

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जीवन में एकाग्रता के लिए एकांत जरूरी — आचार्य निर्भय सागर महाराज ; गृहस्थ को कमाई का 10% दान करने की नसीहत 

ललितपुर में आचार्य निर्भय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए एकांत जरूरी है, साथ ही गृहस्थों को अपनी आय का कुछ हिस्सा दान में...

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सनावद में कलश स्थापना से होगा मुनिराजों के सानिध्य में वर्षायोग का शुभारंभ : महामंत्र जाप का आयोजन होगा 

सनावद में विराजित युगल मुनिराजों के वर्षायोग की शुरुआत 27 जुलाई को प्रातः 7:30 बजे सर्वार्थ सिद्धि योग में मंगल कलश स्थापना के साथ होगी। इससे पूर्व संत भवन में...

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शांति समागम - टोंक में राष्ट्रीय पत्रकार संगोष्ठी का आयोजन 27 जुलाई को : आचार्य शांतिसागरजी महाराज की शताब्दी वर्ष पर विशेष आयोजन

राजस्थान के टोंक में 27 जुलाई को जैन नसियाँ जी परिसर में “शांति समागम – राष्ट्रीय पत्रकार संगोष्ठी” का आयोजन होगा। यह संगोष्ठी आचार्य श्री...

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धर्मसभा में आचार्य वर्धमान सागरजी - धर्म से ही संभव है आपदा से मुक्ति : इंद्रियों पर नियंत्रण और अहिंसा से ही आत्मा की रक्षा संभव

टोंक में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने आत्मा की रक्षा के लिए संयमित जीवन, इंद्रियों पर नियंत्रण और धर्म पालन का मार्ग बताया।...

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शब्दों का खेल ,कभी मेल...तो कभी बेमेल: मुनि श्री निरंजन सागर जी की वाणी पर आधारित लेख

कुंडलपुर में आयोजित धर्म सभा में मुनि श्री निरंजन सागर जी ने हित ,मित और प्रिय शब्दों का प्रयोग करने को कहा है। हितकारी वचन अर्थात जो दूसरों के लिए और अपने लिए...

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