आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का जीवन संयम, तप, करुणा और धर्मप्रभावना का अद्वितीय उदाहरण है। 75वें जन्मदिवस पर उनका यह जीवनवृत्त समाज के लिए प्रेरणा...
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– निष्कर्ष दशलक्षण महापर्व केवल पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति का अवसर है। क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, दान और ब्रह्मचर्य- ये सभी...
आचार्यश्री वर्धमानसागर जी महाराज नगर में विराजित हैं। यहां उनका पावन वर्षायोग जारी है। नित्य पूजन, अभिषेक, प्रभु भक्ति, आराधना सहित साधनाओं का यहां दौर जारी...
15 अगस्त को देश स्वतंत्र हुआ है। इससे यह संदेश और प्रेरणा मिलती है कि हमारी आत्मा भी अनेक भवों में कर्मों के अधीन होकर विश्व, संसार में घूम रही है। उसे भी...
पंचकल्याणक से प्रतिमाओं में अतिशय बढ़कर पूजनीय हो जाती है। पुरानी टोंक में श्री पार्श्वनाथ भगवान का पंच कल्याणक संघ सानिध्य में आगामी 7 से 12 नवंबर तक होगा।...
पंचम पट्टाचार्य, वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित टोंक में विराजमान हैं। उनके सानिध्य में अकंपनाचार्य एवं विष्णु मुनिराज सहित 700 मुनिराजों...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित श्री आदिनाथ जिनालय नसिया में विराजित हैं। देश के प्रसिद्ध भामाशाह श्रेष्ठी अशोक पाटनी आरके मार्बल किशनगढ़ राजकीय अतिथि...
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन नसियाजी में चल रहे चातुर्मास महोत्सव के दौरान रविवार को मुनि श्री विशाल सागर जी महाराज की उत्कृष्ट एवं क्षमता पूर्वक समाधि मरण के उपरांत...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में रविवार को आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी समारोह में शांति समागम...
आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज ससंघ सानिध्य व आशीर्वाद से 20वीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्यश्री शांतिसागरजी महाराज का आचार्य पद प्रतिष्ठापन...








