Tag - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज

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भगवान के जन्म तप कल्याणक पर दीक्षित हुईं मनोरमा जैन: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पदमपुरा में दी दीक्षा

दीक्षा का अर्थ है, इच्छाओं का दमन दीक्षा याने लंच और मंच का बदल जाना। दीक्षा मतलब ड्रेस और एड्रेस का परिवर्तन हो जाना। विचारों में क्रांति को दीक्षा कहते हैं...

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मनोरमा जैन बनी क्षुल्लिका श्री वासु पूज्यमति माताजी: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पदमपुरा में दी क्षुल्लिका दीक्षा

रविवार को बूंदी के संपतलाल अजमेरा की धर्मपत्नी मनोरमा जैन 72 वर्ष ने आचार्य श्री से दीक्षा की याचना की। आचार्य श्री ने उन्हें दीक्षा प्रदान कर उनका नया नाम...

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अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में पंचकल्याणक की तैयारी अंतिम चरण में : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में 18 से 22 फरवरी तक होगा पंचकल्याणक महोत्सव 

नव निर्मित शिखर पर कलश एवं ध्वजा का आरोहण का भव्य महा-महोत्सव आचार्य श्री वर्धमानसागर जी तथा गणिनी आर्यिका श्री सरस्वती माताजी एवं गणिनी आर्यिका श्री...

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आर्यिका आगम मति माताजी के सानिध्य में बाहुबली भगवान को निर्वाण लाडू अर्पण : मोक्ष कल्याणक पर भक्ति में लीन रहे सनावद नगर के समाजजन

नगर के गौरव वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के आशीर्वाद से 23 वर्ष पूर्व स्थापित हुए दिगंबर जैन श्री क्षेत्र सिद्धाचल पोदनपुरम...

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पदमपुरा में 18 फरवरी से पंच कल्याणक की तैयारियां : धार्मिक कार्यक्रम की समितियों को दी जिम्मेदारी 

प्रसिद्ध अतिशयक्षेत्र पदमपुरा बाड़ा (जयपुर) में 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का पंचकल्याणक में प्रमुख मंगल निर्देशन देने के लिए मंगल प्रवेश 8 फरवरी को हो...

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युगल मुनिराज के दीक्षा दिवस पर हुआ विशेष पंचामृत अभिषेक: 29वां दीक्षा दिवस मनाकर अर्घ्य किए समर्पित 

नगर गौरव आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज से दीक्षित युगल मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अर्पित सागर जी महाराज का 29 वां मुनि दीक्षा दिवस...

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भावना भाव नाशिनी होती है भाव से भव सुधरता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने भाव, भावना और भव के बीच संबंध समझाए 

प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी, आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी, आर्यिका श्री स्वस्ति...

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प्रज्ञा को प्रसन्नता से वर्धमान करने पर परमात्मा पद प्राप्त होता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने मंगल देशना में साधुओं की चर्या पर की चर्चा 

पदमपुरा के अतिशय क्षेत्र में आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के शिष्य आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी(6 पिच्छी) तथा आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी(18 पिच्छी) का आगमन...

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छोटे-छोटे नियम की शक्ति से आत्मा को परमात्मा बना सकते : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पदमपुरा में दी मंगल देशना 

मनुष्य जन्म बहुत दुर्लभता से प्राप्त होता है। श्री आदिनाथ भगवान से लेकर महावीर स्वामी के तीर्थंकर कुल में आप सब ने जन्म लिया है। पदम प्रभ भगवान भी छठे तीर्थंकर...

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निर्वाण एवं पावन भूमि की वंदना से पुण्य रूपी अक्षय निधि प्राप्त होती हैं: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने चाकसू में दी मंगल देशना 

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर...

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