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विनयशील बने, ऊँचाइयाँ पाएं : पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी बोले-विनय आत्मिक गुण है, गुरु कृपा पाने का सरल मार्ग है

विरागोदय तीर्थ पथरिया में आयोजित धर्मसभा में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने विनय के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विनम्रता ही उन्नति का द्वार है...

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