Tag - Vihar

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तीर्थवंदना के लिए निकले मुरैना से : जैनाचार्य का टिकटोली के लिए हुआ विहार

मुरैना (मनोज नायक)। ज्ञानतीर्थ क्षेत्र मुरैना से आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने तीर्थवन्दना के लिए टिकटोली के लिए विहार किया। अतिशय क्षेत्र कमेटी टिकटोली...

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टीकमगढ़ के बाद हुई महरौनी का विहार : सुधासागर महाराज को समर्पित है कविता 

तीर्थोद्धारक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के महरौनी नगर आगमन पर सादर समर्पित भाव पुष्प… नगर सजा, सजीं हैं गलियां। लालायित फूलों की कलियां।।   द्वार...

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भक्तजनों में दौड़ी खुशी की लहर : मुनिश्री सुधासागर जी महाराज का मंगल विहार महरौनी की ओर

मुनिपुंगव सुधासागर एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज का टीकमगढ़ प्रवास के बाद महरौनी की ओर मंगल विहार हुआ। पढ़िये राजीव सिंघई की ये रिपोर्ट…  महरौनी...

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19मार्च को होगा मंगल प्रवेश : गुरुमां के मुरार की ओर बढ़ते कदम

ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात जैन साध्वी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी का ससंघ का विहार मुरार (ग्वालियर) की ओर चल रहा है। पूज्य आर्यिका संघ का...

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मुरार के लिए हुआ माताजी का विहार : साधु-संतों के जीवन में ठहराव नहीं होता-आर्यिका स्वस्तिभूषण

जैन साध्वी गुरुमां श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने मुरेना से मुरार विहार के दौरान ऋषभ इंटर प्राइजेज पर धर्मसभा को सम्बोधित कहा। उन्होंने कहा कि साधु-संतों का कोई घर...

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खजुराहो और नौगांव के पंचकल्याणक में हुए थे पहले शामिल : पांच मुनिराजों का आगमन होगा बंधा जी में

मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज, मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी, मुनि श्री निर्मद सागर जी, मुनि श्री निसर्ग सागर जी, मुनि श्री श्रवण सागर जी मुनि श्री का...

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12 मार्च को होगी सामान्य ज्ञान परीक्षा :  ज्ञान के बिना सब सूना है- आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी

स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने बड़े जैन मंदिर में वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रम में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आज...

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विहार में सड़क पर हादसा : नशे में मोटरसाइकिल चालक ने टक्कर मारी, मुनि महाराज घायल

जिंतूर (महाराष्ट्र) में विहार के दौरान बाइक पर सवार 3 शराबियों ने पूज्य मुनि श्री सौम्यसागर महाराज को टक्कर मारी, जिससे उनके एक पैर और एक हाथ में माइनर...

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धर्म प्रभावना : हम भी भगवान की तरह पुरुषार्थ कर भगवान बन सकते हैं – आचार्य श्री विमर्श सागर

‘ जीवन है पानी की बूंद ‘ महाकाव्य के मूल रचयिता आचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि यदि हमें धर्म प्राप्त करना है तो हमें...

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