णमोकार महामंत्र के किसी भी पद का उच्चारण करो। वह मंत्र बनकर आपको सुरक्षा कबच प्रदान करता है। यह उद्गार मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ने णमोकार महामंत्र की...
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गणाचार्य भगवन विरागसागर जी ने अपने संयमकाल में अनेकों सिद्धांत ग्रंथों का लेखन करके अचेतन कृतियों का सृजन किया। महाश्रमण विशुद्धसागर जी को गणाचार्य भगवन ने...
आचार्य श्री वर्धमान सागरजी 34 साधुओं सहित प्रतापगढ़ में विराजित हैं। आज सुबह जूना मंदिर से नए मंदिर संघ का प्रवेश हुआ। श्री के दर्शन कर रात्रि विश्राम किया।...








