जयपुर में विराजित आचार्य वर्धमान सागर जी ने प्रवचन में बताया कि जीव का शरीर उसके कर्मों के अनुसार बनता है। विभिन्न मंदिरों के दर्शन और स्वाध्याय के बीच...
Tag - Spiritual Teachings
बड़वानी में 30 सितंबर भद्र शुक्ल सप्तमी को पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। आर्यिका विकुंदन श्री माताजी ने धर्म सभा में आर्जव...
सहारनपुर में विमर्श सागर जी महाराज ने भक्तामर स्तोत्र के माध्यम से अमर भक्ति का रहस्य बताया – विनय और झुकाव ही सच्ची भक्ति की पहचान है। पढ़िए सोनल जैन की...








