Tag - Spiritual Growth

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भव्य समारोह में णमोकार मंत्र लेखन पुरस्कार वितरण हुआ : फ्रिज, वाशिंग मशीन और आटा चक्की सहित 250 से अधिक श्रद्धालु सम्मानित

मुरैना में पूज्य मुनि श्री विलोकसागरजी एवं मुनि विबोधसागरजी के पावन सान्निध्य में आयोजित णमोकार मंत्र लेखन प्रतियोगिता में 250 से अधिक प्रतिभागियों को पुरस्कार...

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आर्यिका श्री सिद्ध श्री माताजी ने दिया गृहस्थ जीवन और आध्यात्मिक उन्नति का मार्गदर्शन : संतोष, धैर्य और साधना से ही जीवन में सुख और मोक्ष की प्राप्ति संभव

इंदौर स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर समर्थ सिटी में आर्यिका श्री सिद्ध श्री माताजी ने प्रवचन में गृहस्थ जीवन को सुखमय बनाने और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त...

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पंच परमेष्ठी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन 26 सितंबर को : 6 अक्टूबर को बड़े जैन मंदिर में होगा पुरस्कार वितरण

मोरेना स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में 26 सितंबर को पंच परमेष्ठी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित होगी, जबकि पुरस्कार वितरण 6 अक्टूबर को...

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दशलक्षण पर्व के उत्तम आकिंचन्य दिवस पर महरौनी में हुआ भव्य आयोजन : संपत्ति और भौतिक मोह का त्याग कर आत्मिक उन्नति करें – मुनिश्री गुरूदत्त एवं मुनिश्री मेघ दत्त

महरौनी स्थित श्री अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत उत्तम आकिंचन्य दिवस का आयोजन हुआ। मुनिश्री गुरूदत्त एवं मुनिश्री मेघ दत्त ने प्रवचन में...

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तीर्थंकर पद भी संयम धारण किए बिना संभव नहीं, मंगल देशना : आत्मा की उन्नति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति जरूरी – आचार्य वर्धमान सागर

दसलक्षण पर्व के छठे दिन आचार्य वर्धमान सागर जी ने कहा कि आत्मा की उन्नति और तीर्थंकर पद की प्राप्ति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति अत्यंत आवश्यक है। संयम जीवन का...

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संयम बंधन नहीं, अभिनंदन का दिन है : संयम के बिना जीवन गाड़ी बिना ब्रेक की तरह – क्षुल्लक जी का संदेश

धरियावद में पर्यूषण पर्व के छठे दिन क्षुल्लक महोदय सागर जी महाराज ने कहा कि संयम बंधन नहीं, बल्कि अभिनंदन का दिन है। संयम जीवन का ब्रेक है, जिसके बिना मनुष्य...

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मन और वचन में अंतर तिर्यंच गति का कारण है : मायाचारी से बचना जरूरी है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए कहा कि मायाचारी तिर्यंच गति का कारण बनती है। मन में कुछ और वचन में कुछ कहना...

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