Tag - Shrifal Jain news

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सिद्ध चक्र महामंडल विधान की पूणाहुति 9 जनवरी को: विधान में 1750 अर्घ्य अर्पित कर प्रभु की आराधना समाजजनों ने की 

तारंगाजी सिद्ध क्षेत्र महामंडल विधान के 7वें दिन 1750 अर्घ्य पूरे हुए। तारंगाजी सिद्ध क्षेत्र में आर्यिका सुदृढ़मति माताजी, आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी और...

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जैसवाल जैन युवाजन के नेतृत्व में होगी शिखरजी की वंदना : सामूहिक रूप से 501 यात्री करेंगे पर्वत की वंदना

जैन समाज के सबसे बड़े तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखरजी की यात्रा जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली के नेतृत्व में 17 मार्च से 22 तक मार्च तक होने जा रही है। मुरैना/दिल्ली...

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सिद्ध चक्र महामंडल विधान के चौथे दिन 1016 अर्घ्य चढ़ाए: तारंगाजी सिद्ध क्षेत्र पर चल रहा है विधान 

तारंगाजी सिद्ध क्षेत्र पर आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ के सानिध्य में 1 से 9 जनवरी तक सिद्ध क्षेत्र पर सिद्ध चक्र महामंडल विधान हो रहा है। रविवार को विधान...

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अतिशय क्षेत्र टिकटोली में महामस्तकाभिषेक किया : जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली की धार्मिक सहभागिता से हुआ आयोजन

अतिशय क्षेत्र टिकटोली में आयोजित महामस्तकाभिषेक के शुभ अवसर पर धर्म, भक्ति और समर्पण से परिपूर्ण वातावरण निर्मित हुआ। इस मंगल अवसर पर जैसवाल जैन युवाजन, दिल्ली...

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आचार्य विमलसागरजी के समाधि दिवस पर विनयांजलि अर्पित: आचार्य श्री प्राणी मात्र के प्रति रखते थे कल्याण की भावना 

श्रमण संस्कृति के श्रेष्ठ आचार्य श्री विमलसागरजी निमित्त ज्ञानी संत थे और उनके हृदय में प्राणी मात्र के प्रति करुणा उदारता और लोक कल्याण की भावना समाहित थी। ये...

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जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा 20 दिसंबर तक :  प्रेम, तप और पर्यावरण संरक्षण का संगम बनी जिनधर्म पदयात्रा

आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी महाराज के पावन सानिध्य में कोटा से जहाजपुर तक आयोजित जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा ने जैन समाज को आस्था, प्रेम, संयम और पर्यावरण संरक्षण...

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तीर्थंकर दीक्षा लेते ही मन पर्याय ज्ञान के धारी होते हैं : श्रीमदजिनेंद्र पंच कल्याणक के तृतीय दिवस दीक्षा तप कल्याणक मनाया

तीर्थंकर भगवान का जन्म होता है संसारी प्राणी की भांति जरा बुढ़ापा और मृत्यु नहीं होती वैराग्य दीक्षा तप से मोक्ष जाते हैं। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने यह...

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मुनि श्री पावन सागर जी ससंघ का जबलपुर की ओर विहार : मुनि श्री ने कहा-समाज के पुण्य से मिलता है चातुर्मास  

मुनि श्री पावन सागर जी महाराज (जंगल वाले बाबा )ससंघ का चातुर्मास पूर्ण होने पर 26 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे मुनिश्री का जबलपुर की ओर मंगल विहार हुआ। जयपुर से...

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विषयाक्त मन बंधन का कारण है विषयारिक्त मन मुक्ति का आधार : मुनि श्री प्रमाण सागरजी ने मन की दिशा और दशा को सारगर्भित व्याख्या से समझाया 

मनुष्य के पास न तो शेर जैसा पराक्रम है और न ही चीते जैसी फुर्ती न ही हिरन जैसी चपलता। फिर भी मनुष्य श्रेष्ठ क्यों? इसका उत्तर देते हुए मुनिश्री प्रमाणसागर जी...

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श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ जिनालय की भूमि शुद्धि शिलान्यास में उमड़ सकल जैन समाज: वरिष्ठ समाजसेवी दानवीर भरत कुसुम मोदी ने शिलान्यास विधि कर आधार शिला रखी 

श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ जिनालय हाईलिंक सिटी एयरपोर्ट रोड का भूमि शुद्धि एवं शिलान्यास महोत्सव मंगलवार को संपन्न हुआ। यह विशेष आयोजन आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी...

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