Tag - Shri 1008 Chandraprabhu Temple

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देव, शास्त्र और गुरु ही पूजनीय - मुनि अपूर्व सागर सम्यग्दर्शन से गुणों में होती है वृद्धि

– श्री 1008 चंद्रप्रभु मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि 108 श्री अपूर्व सागर महाराज ने ये बताया कि मनुष्य भव पाने के लिए सुरपति भी तरसते हैं...

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