अतिशय क्षेत्र कैथुली में दसलक्षण पर्व के चौथा दिवस उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया गया। भगवान पुष्पदंत नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया गया। निर्वाण लाडू...
Tag - Shreefal Jain News
भारत की गौरवशाली वांग्मय परंपरा के प्रमुख दर्शन जैन दर्शन और वैदिक दर्शन, दोनों की भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रमुख आधार स्तंभ हैं। जो क्षमा को आत्म उन्नति...
नगर में मुनिराजों के वर्षायोग चातुर्मास के चलते धर्मसभा में मंगल वचनों की अपूर्व वर्षा हो रही है। मुनियों के प्रवचन से यहां की धर्मप्रेमी जनता का धर्म आराधना...
स्थानीय जैन धर्मशाला में 48 वें दिन मुनि श्री विव्रत सागर जी मुनिराज ने प्रवचन करते हुए आत्म-पहचान के महत्व पर जोर देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं को शरीर या...
आचार्यश्री निर्भयसागर जी ललितपुर में अपने प्रवचनों से धर्म देशना दे रहे हैं। उन्होंने बुधवार को दिगंबरत्व को सिलसिलेवार समझाया। उन्होंने कहा कि हमारा देश...
वीतरागी, सर्वज्ञ और हितोपदेशी भगवान द्वारा प्रतिपादित जिन धर्म केवलज्ञान रूपी लक्ष्मीयुक्त है। जो धर्मधारण पालन करने से मिलती है। धर्म का संग्रह और धन के...
आचार्यश्री वर्धमानसागर जी महाराज नगर में विराजित हैं। यहां उनका पावन वर्षायोग जारी है। नित्य पूजन, अभिषेक, प्रभु भक्ति, आराधना सहित साधनाओं का यहां दौर जारी...
स्थानीय भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार को मुनिश्री जयंतसागर जी महाराज के प्रवचन हुए। इसमें मुनिश्री ने कर्मों की निर्जरा पर जोर दिया। वर्षायोग...
जैन धर्म में व्रत, उपवास और तप, तपस्या और संयम का गहरा महत्व है। व्यक्ति की जीवनधारा को बदलने का सामर्थ्य केवल व्रत और उपवास में ही है। कहने तो जैन धर्मानुरागी...
गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 92वें जन्मदिवस एवं 74 वें संयम दिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय रत्नत्रय महोत्सव का आयोजन...








