आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने टोंक नगर की धर्मसभा में हेय और उपादेय के समीचीन ज्ञान को जीवन निर्माण का आधार बताया। प्रथम पट्टाचार्य वीर सागर जी का 68वां समाधि...
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टोंक में आयोजित धर्मसभा में आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज ने उपदेश दिया कि देव, शास्त्र और गुरु की आराधना से पुण्य अर्जित होता है और पाप कर्मों का क्षय होता...
परम पूज्य आचार्य श्री 108 शान्ति सागर जी महाराज ‘छाणी’ ने 17 मई, 1944 को राजस्थान के सागवाड़ा नगर में समाधिपूर्वक मरण कर इस नश्वर देह का त्याग किया।...
समीर जैन प्रशममूर्ति आचार्य श्री १०८ शान्तिसागर जी महाराज (छाणी) परम्परा के प्रमुख संत परम पूज्य आचार्य श्री १०८ अतिवीर जी मुनिराज के 58वें जन्म दिवस के पावन...








