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आलेख

शब्दों का खेल ,कभी मेल...तो कभी बेमेल: मुनि श्री निरंजन सागर जी की वाणी पर आधारित लेख

कुंडलपुर में आयोजित धर्म सभा में मुनि श्री निरंजन सागर जी ने हित ,मित और प्रिय शब्दों का प्रयोग करने को कहा है। हितकारी वचन अर्थात जो दूसरों के लिए और अपने लिए...

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