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अहंकार जीव को पतन की ओर ले जाता है – बड़े जैन मंदिर में प्रवचन : विनम्रता से ही आत्मा का उद्धार संभव है – मुनिश्री विबोधसागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन मुनिश्री विबोधसागर जी ने उत्तम मार्दव धर्म का महत्व समझाते हुए कहा कि अहंकार आत्मा के पतन का कारण है और...

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युगल मुनिराज सानिध्य में उत्तम छमा धर्म से हुई पर्युषण पर्व की शुरुआत : नगर में सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा व प्रवचनों से गूंजा जैन समाज

सनावद में युगल मुनिराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व का शुभारंभ उत्तम छमा धर्म के साथ हुआ। सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, गुरु भक्ति और प्रवचनों से पूरा नगर धर्ममय...

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जैन मंदिरों में आरंभ हुई अपूर्व प्रभावना, श्रावक-श्राविकाओं ने किया सामूहिक पूजन : पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ – आचार्य निर्भयसागर के सानिध्य में नगर में धर्मध्यान आराधना

ललितपुर में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ हुआ। नगर के जैन मंदिरों में श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक पूजन, ध्यान...

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आचार्य विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में भव्यता से मनाया जाएगा दसलक्षण पर्व: रामगंजमंडी में जिनालयों की विशेष सजावट, समाजबंधुओं में उत्साह का वातावरण

रामगंजमंडी में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ससंघ सानिध्य में दसलक्षण पर्व का भव्य आयोजन 28 अगस्त से शुरू होगा। जिनालयों में विशेष सजावट, प्रभु अभिषेक...

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उत्तम क्षमा - आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान : क्षमा वीरस्य भूषणं

उत्तम क्षमा आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान है। यह क्रोध, द्वेष और प्रतिशोध को शांत कर आत्मा को निर्मल बनाती है। क्षमा से मैत्रीभाव व सामाजिक सद्भाव का...

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शिक्षक सम्मेलन में आचार्य श्री ने दिया स्वाध्याय और संस्कारों पर विशेष संदेश : चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही होता है जीवन का निर्माण : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

टोक नगर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का निर्माण चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही संभव है। माता...

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इंदौर में दिखी मुनिराज युगल की कठिन चर्या: आहार चर्या के बाद प्रतिमायोग लेकर बैठे

मुनिश्री श्रुतेश सागरजी महाराज और मुनिश्री सुश्रुत सागरजी महाराज आहारचर्या के बाद सामयिक के लिए तेज धूप में प्रतिमायोग लेकर बैठ गए। उनकी कठिन चर्या देखकर सभी...

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