Tag - Pratikraman

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40 श्रावकों ने गोचरी दया में भाग लिया जिनशासन की सेवा की : गोचरी दया के अवसर पर लघु नाटिका का किया मंचन

एक दिन का साधु जीवन पुण्यदायक तप के समान है। एक का साधु जीवन व्यतीत कर गृहस्थ श्रावकों को तप साधना से रूबरू होने का अवसर प्रदान करती है गोचरी दया। यह विचार...

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नौगामा में दसलक्षण महापर्व पर अभूतपूर्व धर्म प्रभावना : श्रुतधाम बीना से आए ब्रह्मचारी संदीप जी के सान्निध्य में सैकड़ों लोगों ने लिया लाभ

बागड़ प्रांत की प्राचीन धार्मिक नगरी नौगामा (बांसवाड़ा) में दसलक्षण महापर्व पर श्रुतधाम बीना से आए बाल ब्रह्मचारी संदीप जी सरल भैया और राकेश जैन के सान्निध्य...

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प्रतिक्रमण से पापों का क्षय होता है, आत्मा आध्यात्मिक मार्ग पर बनी रहती है : प्रत्येक श्रावक को प्रतिदिन प्रतिक्रमण करना चाहिए – अनूप भंडारी

मुरैना में पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के परम भक्त श्रावक श्रेष्ठी अनूप भंडारी ने प्रतिक्रमण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रतिक्रमण कर्मों के...

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भगवान पुष्पदंत मोक्ष कल्याणक पर श्रावकों ने अर्पित किया निर्वाण लाडू : जीवन में मन की पवित्रता ही कल्याणकारी है – आचार्य निर्भय सागर

ललितपुर में चल रहे महापर्व पर्युषण के दौरान आचार्य निर्भयसागर महाराज ने शौच धर्म पर प्रवचन देते हुए कहा कि जीवन की सच्ची पवित्रता मन की शुचिता से आती है। भगवान...

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अहंकार जीव को पतन की ओर ले जाता है – बड़े जैन मंदिर में प्रवचन : विनम्रता से ही आत्मा का उद्धार संभव है – मुनिश्री विबोधसागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन मुनिश्री विबोधसागर जी ने उत्तम मार्दव धर्म का महत्व समझाते हुए कहा कि अहंकार आत्मा के पतन का कारण है और...

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जैन मंदिरों में आरंभ हुई अपूर्व प्रभावना, श्रावक-श्राविकाओं ने किया सामूहिक पूजन : पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ – आचार्य निर्भयसागर के सानिध्य में नगर में धर्मध्यान आराधना

ललितपुर में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ हुआ। नगर के जैन मंदिरों में श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक पूजन, ध्यान...

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शिक्षक सम्मेलन में आचार्य श्री ने दिया स्वाध्याय और संस्कारों पर विशेष संदेश : चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही होता है जीवन का निर्माण : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

टोक नगर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का निर्माण चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही संभव है। माता...

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सभी सदस्य पांच मिनट का सामूहिक भावना योग करें : अपने उपकारिओं के प्रति कृतज्ञ बने रहना अच्छे संस्कार- मुनि श्री प्रमाण सागर

यदि आपके घर में अच्छे संस्कार बने रहे तो घर के सभी सदस्यों को औचित्य का बोध रहेगा। यह उद्गार मुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ने प्रवचन सभा में व्यक्त किए। भोपाल...

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