Tag - permanent assistance scheme

समाचार

जैन समाज में बढ़ता दिखावा उपेक्षित निर्धन वर्ग एक चिंतन: वास्तविक सेवा, जो धर्म का सार है। वह कहीं पीछे छूटी 

धर्म का उद्देश्य केवल रीति-रिवाजों और आयोजनों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उसका मुख्य लक्ष्य समाज के हर व्यक्ति को सन्मार्ग की ओर ले जाना है। विशेषकर उस व्यक्ति...

You cannot copy content of this page