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जीवन में नम्रता और मधुरता क्षमावाणी में निहित: आचार्यश्री निर्भय सागरली ने बताई क्षमा धर्म की श्रेष्ठता

आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा धारण यदि व्यक्ति अपने जीवन में कर ले तो महानता को प्राप्त तो करता ही है। साथ ही परिणानों में निर्मलता आती है।...

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