शौच का अर्थ शुचिभूत होना अर्थात् काल से आत्मा सप्तधातु मय शरीर के संसर्ग से अपवित्र कहलाता है। इस अपवित्र शरीर से भिन्न जो शुद्धात्मा का ध्यान करके उसी में रत...
Tag - Paryushan
जीवन में साफगोई और स्वच्छता बडे़ मायने रखती है। स्वच्छता को ही जीवन में उतारने का भाव दर्शाता है दसलक्षण पर्व का चौथा दिन। यानी उत्तम शौच धर्म। जीवन में फैली...
उत्तम शौच धर्म का अर्थ होता है उत्तम शुद्धता और स्वच्छता का धर्म। यह विचारधारा दर्शाती है कि स्वच्छता केवल शारीरिक या बाहरी स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह...
20 वी सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधिश राष्ट्र गौरव वात्सल्य वारिधि तपोनिधि 108 आचार्य श्री वर्द्धमान...
अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा की धरा पर वर्षायोगरत आचार्य श्री वसुनन्दी महाराज की सुशिष्या आर्यिका वर्धस्व नंदिनी माताजी ने दस लक्षण पर्व के तीसरे दिवस वृहद...
सकल दिगंबर जैन समाज रायपुर द्वारा 8 से 17 सितंबर तक दसलक्षण महापर्व मानने जा रहा है। आत्म शुद्धि के इस महापर्व के आज तीसरे दिन 10 सितंबर भाद्रपद शुक्ल पक्ष...
क्रोध कषाय का अभाव होना – क्षमा धर्म है। मान कषाय का अभाव होना – मार्दव धर्म है। माया कषाय का अभाव होना – आर्जव धर्म है । अब आगे धर्म के...
भावनात्मक धोखेबाजी नहीं करने का नाम आर्जव (सरलता) धर्म है। मन वचन और काया के सरल होने का नाम आर्जव धर्म है। बच्चे बहुत सहज होते हैं, उनके पास आर्जव धर्म रहता...
उत्तम आर्जव धर्म के दिन आज प्रातः परम पूज्य पवित्र माताजी के संघ सानिध्य में आदिनाथ मंदिर में वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान नेमिनाथ व भगवान महावीर समवशरण...
उत्तम आर्जव धर्म के दिन पूज्य विनम्र सागर जी महाराज ने आचार्यश्री को याद करते हुए कहा की आज के दिन यदि हमने आचार्यश्री को गुरु माना है तो उनसे किये वादों से छल...








