एक दिगम्बर जैन साधु सबकुछ छोड़कर निर्भय होकर विचरण करते हैं। पूर्वाचार्यों ने कहा है कि जोड़ने की अभिलाषा ही दुःख का कारण है। यह विचार मुनि श्री विध्रुव सागर...
एक दिगम्बर जैन साधु सबकुछ छोड़कर निर्भय होकर विचरण करते हैं। पूर्वाचार्यों ने कहा है कि जोड़ने की अभिलाषा ही दुःख का कारण है। यह विचार मुनि श्री विध्रुव सागर...
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