ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार, चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा,शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है...
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ग्रीष्मकालीन अवकाश में धार्मिक शिक्षण प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से संस्कार प्रदान करते हुए संस्कारित किया जायेगा। शिविरों के क्षेत्रीय प्रभारी नवनीत जैन...
उपाध्याय श्री 108 विहसंतसागर जी महाराज ने भक्तामर स्तोत्र के पच्चीसवें काव्य का महत्व समझाते हुए बताया कि इस काव्य में मुनिवर ने कहा कि हे भगवन! केवलज्ञान...
ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन के अनुसार यू तो पंचक हर माह पांच दिनों के लिए लगते है सोमवार,बुधवार,गुरुवार को प्रारंभ होने वाले पंचक शुभ फल देने वाले होते हैं।...








