भक्ति का मतलब होता है पूज्य पुरुषों और गुणवान पुरुषों के गुणों का स्मरण करना, याद करना, उनके गुणों का बखान तथा उनके जैसे गुणों को प्राप्त करने का प्रयत्न करना...
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दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य वर्धमानसागर के संघस्थ मुनि अर्पित सागर ने धर्म उपदेश देते हुए कहा कि यह शरीर क्या है, जो जीर्ण होता है और जो शरीर नाम कर्म के उदय...
कलिंजरा के बाहुबली परिसर में शुक्रवार दोपहर 1 बजे आचार्य विराग सागरजी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री विकाम्या माताजी ससंघ के सान्निध्य में ब्रह्मचारिणी सुशीला...








