जब तक श्रावक हैं, तभी तक श्रमण परंपरा कायम हैं। जब श्रावक ही नहीं होगें, तो श्रमण परंपरा स्वतः समाप्त हो जाएगी। दिगंबर साधुओं की परंपरा को जारी रखने में...
Tag - Munishri Viloksagar Ji
सभी धर्मों में मंत्रों के जप को प्राथमिकता दी गई है। अध्यात्म में मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। मंत्रों के जाप से मन को शांति, आत्मबल में वृद्धि, पापों...
भगवान न किसी का अच्छा करते हैं, न किसी का बुरा करते हैं। भगवान न किसी को सुख देते हैं, न किसी को दुख देते हैं। यह सब तो प्राणी मात्र के कर्मों पर निर्भर करता...
मुरैना में जैन मित्र मण्डल द्वारा सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह का आयोजन 21 सितम्बर को श्री नसियाजी जैन मंदिर में होगा। कार्यक्रम का पोस्टर मुनिश्री...
यदि हमारे हृदय में करुणा का भाव नहीं हैं तो आपकी पूजा भक्ति कभी भी सफल नहीं हो सकती। यह उद्गार नगर में चातुर्मासरत जैन संत मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने बड़े...
बड़े जैन मंदिर में आठ दिवसीय सिद्धों की आराधना के भक्तिमय अनुष्ठान में प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी संजय भैयाजी (मुरैना वाले) ने विधान की पूजन कराते हुए एक-एक...
श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का 8 दिवसीय आयोजन का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। प्रातः पूज्य युगल मुनिराजों के पावन सान्निध्य में श्री...
प्राणियों में विरले ही ऐसे भव्य जीव होते हैं, जिनके मन में स्व कल्याण की भावना पनपती है। ऐसे भव्य जीव जिनके मन में अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने का भाव...
ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को संस्कारवान बनाने एवं अपनी संस्कृति से परिचित कराने के लिए 10 दिवसीय संस्कार शिविर बड़े जैन मंदिर में लगाए गए। समाज के श्रेष्ठी...
मुनिश्री विलोकसागर जी मुरैना के बड़े जैन मंदिर में नित प्रवचन कर धर्म प्रभावना कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने क्षमा का महत्व बताया। धर्मसभा में बड़ी संख्या में...








