धर्मी होंने की असल पहचान यही है कि उसके अंदर सही समझ, स्थिरता, सहनशीलता तथा सकारात्मकता का गुण हो उपरोक्त उदगार अपने प्रवचन में मुनिश्री प्रमाण सागरजी महाराज...
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आज रामचंद्र नगर स्थित आदिनाथ बाग में पुज्य मुनिश्री प्रमाण सागरजी अपनी मंगल देशना में कहा कि ’होकर सुख में मग्न न फूले, दुःख में कभी न घबरावे, इष्ट वियोग और...
श्री महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर में आज धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि दुनिया में सज्जन-दुर्जन कई प्रकार के जीव रहते हैं। वे एक-दूसरे की...








