जब मन में उत्साह आता है तो शरीर में सकारात्मक रसायनों (हार्माेन) का स्राव होने लगता है और जब मन में भय आता है तो शरीर कांपने लगता है और जब क्रोध आता है तो...
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दिल्ली से 1500 किमी लंबी गिरनारजी धर्म पदयात्रा को पूज्य आचार्यश्री 108 समय सागरजी महामुनिराज का सतना में आशीर्वाद-विश्व जैन संगठन। वहीं कटनी पंचकल्याणक में...
निर्यापक मुनिपुंगव सुधासागर महाराज व शाकाहार प्रवर्तक उपाध्याय मुनिश्री गुप्तिसागरजी महाराज के सानिध्य में कई क्षेत्रों में छोटे-बड़े शहरों में इंदौर, जयपुर...
समवशरण मंदिर में ससंघ विराजित मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज ने बुधवार को उज्जैन की ओर विहार किया। वे संभवतः 19 जनवरी को वहां मंगल प्रवेश करेंगे। इंदौर...
मुनिश्री ने समाज को एकरूपता में पिरोने का आशीर्वाद देते हुए समाज से स्वयं आगे आकर समाज के लिए सेवा देने के लिए संघ से स्व-प्रेरणा से जुड़ने का आव्हान किया। उक्त...
मुनिश्री ने कहा कि गलती करना, गलती को दोहराना और गलती से सीख लेना और गलती को सुधारना ही आप लोगों का मूल लक्ष्य होना चाहिये। पहले तो कोई गलती करो मत और यदि गलती...
शिक्षक संघ का प्रतिनिधि मंडल परम पूज्य मुनिश्री प्रमाण सागरजी महाराज व विनम्र सागरजी से मिला। शिक्षा नीति, शिक्षा तीर्थ की स्थापना एवं शिक्षकों का महाकुम्भ-2...
‘संतोष‘ सबसे बड़ा मूल मंत्र है ‘जो आपके पास है उसमें यदि आपने संतोष कर लिया तो आपसे ज्यादा खुश कोई दूसरा व्यक्ति नहीं, जो प्राप्त है उसे पर्याप्त मानो, मन को हर...
आध्यात्म हर स्थिति में हमें स्थिरता प्रदान करता है। संयोग-वियोग ‘कर्म की धरोहर हैं‘ कर्म कहता है तुम इसका उपयोग करो, मिस यूज मत करना। जो इस सत्य को पहचान लेता...
मुनिश्री ने कहा ‘आत्मविश्वास‘ और आत्म नियंत्रण आपको लौकिक जगत में भी सफलता दिलाता है और आध्यात्म को भी मजबूत करता है, जिसका अंदर से सेल्फ कान्फीडेंस मजबूत होता...








