Tag - Muni Shri vinmra Sagar Maharaj  श्रीफल जैन न्यूज

समाचार

उत्तम सत्य धर्म पर दिए प्रवचन : ऐसा सत्य भी असत्य है, जो किसी को विपत्ति में लाकर खड़ा कर दे – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

जहां क्षमा ,मार्दव, आर्जव, शौच आत्मा का स्वभाव है, वही सत्य, संयम, तप, त्याग इन गुणों को प्रकट करने के उपाय हैं। आप दान देते हैं, धर्म के लिए, लेकिन साथ खड़े...

समाचार

उत्तम शौच धर्म पर दिए प्रवचन : आप सभी के हृदय में शुचिता के भाव आए- मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

शौच मतलब सुचिता या निर्मलता। जब क्रोध कम होता है तो भीतर कोमलता आ जाती है और हम बाहर और भीतर से सरल होने का प्रयास करने लगते हैं। लोभ तुलना पैदा करता है, डर...

समाचार

धर्म सभा में दिए उत्तम आर्जव पर प्रवचन : रंचक दगा बहुत दुखदाई होता है – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

भावनात्मक धोखेबाजी नहीं करने का नाम आर्जव (सरलता) धर्म है। मन वचन और काया के सरल होने का नाम आर्जव धर्म है। बच्चे बहुत सहज होते हैं, उनके पास आर्जव धर्म रहता...

समाचार

उत्तम मार्दव धर्म पर दिए प्रवचन : अहंकारी व्यक्ति हमेशा बहुत परेशान रहता है- मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

मार्दव का मतलब है अहंकार / घमंड को त्यागना और विनम्रता और कोमलता को अपनाना। उत्तम मार्दव धर्म लोक व्यवहार को सुधारने के काम आता है, ये भावनाओं को भी नियंत्रित...

समाचार

धर्मसभा में दिए प्रवचन : नवीन आचार्य समय सागर जी महाराज की निर्दोष भक्ति कर अपना पुण्य बढ़ाएं- मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

 छत्रपति नगर के दलाल बाग में मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि क्रिसमस पर तो छुट्टी मिलती है किंतु पयुर्षण पर्व पर नहीं मिलती, यहां तक कि इन...

समाचार

धर्मसभा में दिए प्रवचन : स्थान बदलने से नहीं, स्थिति बदलने से सुख मिलता है – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

दुनिया का हर व्यक्ति अदृश्य स्रोत को मानता है, वैज्ञानिक भी इसमें विश्वास करते हैं। लोग इसीलिए साधना करते हैं। इन शक्तियों के माध्यम से हम विकास और विनाश दोनों...

समाचार

धर्मसभा में दिए प्रवचन : जीवन जीने के पैमाने बदलिये, तभी आपका और संस्कृति का उद्धार होगा- मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने कहा कि सत्ता, संपत्ति और सामर्थ्य को प्राप्त करके कुछ लोग अपने आप को भगवान समझने लगते हैं। इन तीन चीजों में ज्यादा समय तक...

समाचार

धर्मसभा में दिए प्रवचन : तुमको सुख और सुखाभास में अंतर नहीं मालूम, तुम्हें सुखाभास में ही सुख दिखता है – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आज नाम की बड़ी पूछ है। मान मर्दन करने के बाद ही साधु बनाए जाते हैं। व्यक्ति अपना चेहरा तो देखना चाहता है...

समाचार

धर्मसभा में दिए प्रवचन : धर्मसभा में दिए प्रवचन :जगत कल्याण की मंगल भावना से तीर्थंकर प्रकृति का बंध होता है- मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने कहा कि मैंने आज एक लेख पड़ा, उसमें लिखा था कि साधु के दो काम होते हैं, एक है तप करना और दूसरा है श्रुत का अध्ययन करना। यहां...

समाचार

धर्म सभा में दिए प्रवचन : तात्विक आनंद आपका ध्येय नहीं है, आपका ध्येय है, आध्यात्मिक आनंद की प्राप्ति करना – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि साधु मार्ग में पांच प्रकार के आनंद होते हैं। हमने तो संयमी बनने के बाद ये सुने थे, किंतु आप आज ही ये सुन...

You cannot copy content of this page