दुनिया में हमें किसी को पर मानने का अधिकार नहीं है, मैं स्व तो हूं लेकिन दुनिया पर नहीं हैं। दुनिया को दुनिया की दृष्टि से देखो तो स्व की अनुभूति होती है...
Tag - Muni Shri Sudhasagar Maharaj श्रीफल जैन न्यूज
धर्मसभा में दिए प्रवचन : मां-बाप की एक आवाज सुनने के लिए जिंदगी लगा दो- मुनि श्री सुधासागर जी महाराज
सारे कर्ज चुकाये जा सकते हैं लेकिन जिसने अपने जीवन में उपकार किया है, उसका कर्ज तो छोड़ो, हम ब्याज भी नहीं चुका सकते। यहां तक आया कि एक अक्षर का भी, एक क्षण...
मुनिश्री सुधासागर महाराज ने नंद्यावर्त पर एक महत्वपूर्ण प्रवचन दिया, जिसमें उन्होंने नंद्यावर्त के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। श्रीफल जैन न्यूज के पाठकों के...
वागड़ मेवाड़ के सबसे बड़े भगवान श्री मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा का आगमन 24 अक्टूबर को होगा। शनि ग्रह अरिष्ट निवारक भगवान मुनिसुव्रतनाथ का भव्य मंदिर धर्म नगरी...
जयपुर से सागर ले गए प्रतिमा, आर्यिका के सानिध्य में 24 अक्टूबर को नौगामा में विराजमान होगी। वागड मेवाड़ के सबसे बड़े भगवान श्री मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा का 24...
सबसे निकृष्ट ध्यान है रौद्रध्यान और देखो रौद्रध्यान जब भी होता है पुण्यकर्म के उदय में ही होता है। यदि हमें पता भी चल गया कि मेरा पुण्यकर्म बहुत बड़ा है, मैं...
संसार में जो कुछ भी है वह सब प्रयोजन भूत है, द्रव्य ही नही प्रत्येक गुण की, पर्याय की भी अर्थक्रिया होती है। जैसे आँख की मुख्य अर्थ क्रिया क्या है देखना, कान...
धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागर महाराज ने कहा कि देखने में आता है कि कभी व्यक्ति बहुत ऊंचाई पर बैठा दिखता है तो कभी वो धूल में पड़ा हुआ दिखता है, कभी अमीर दिखता...
मंदिर के दरवाजे से निकलते समय, जितनी बार आप इसे करें, कम से कम एक सेकंड के लिए खुद को भाग्यशाली मानें और उतनी बार हाथ जोड़कर नमोस्तु करें। चलकर जाते समय बात...
कोई भी क्रिया अच्छी बुरी नहीं होती, ये सृष्टि सापेक्षवाद के सिद्धान्त पर व्यवस्थित चल रही है तो सापेक्षवाद का सिद्धान्त है- ‘न यह सत्य है, न वह सत्य है...








