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लोग समझदारी का प्रयोग नहीं करते है : आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी ने धर्म ध्यान के बारे में समझाया

बुधवार की प्रातः बेला में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज की धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। मंगलाचरण वंदना बाबरिया...

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गुरु सम्मान समारोह में स्वागत से अभिभूत अतिथि: बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की रही मौजूदगी 

स्थानीय मोती महल परिसर में स्टार ऑफ जैन स्कूल के सदस्यों की ओर से गुरु सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह के आरंभ में ढोल की थाप के साथ सभी का स्वागत माला...

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इंद्रिय विषयों के कारण हमारा मन चंचल होता है-विनिश्चय सागर महाराज: मुनिश्री ने मन, इंद्रिय पर नियंत्रण पर दिया जोर

आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि जो इंद्रियों को अच्छा लगता है। वह हमें अच्छा लगता है जो आत्मा को अच्छा लगता है वह हमें अच्छा...

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आचार्यश्री विनिश्चय सागर महाराज ने कहा-ध्यान मतलब मन की एकाग्रता : ध धर्मसभा में मन, ध्यान और मानसिकता के बारे में दिए संदेश 

सोमवार सुबह श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। मंगलाचरण सुधा डूंगरवाल ने किया। धर्म सभा का संचालन राजकुमार गंगवाल ने...

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प्रथम समाधि दिवस पर 75 साधुओं का सानिध्य मिला: नेमीनगर में मना आचार्यश्री विरागसागर जी का समाधि दिवस

गणाचार्य विराग सागर जी महाराज का प्रथम समाधि दिवस नेमी नगर में मनाया गया। प्रातःकाल आचार्य विनम्र सागर जी महाराज विजयनगर से, आचार्य श्री विशद सागरजी महाराज...

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मानव पर्याय दुर्लभ चिंतामणि रत्न के समान है: गणिनी विभाश्री माताजी ने धर्मसभा को किया संबोधित

कोटा में एलआईसी बिल्डिंग से भव्य जुलूस शोभायात्रा के साथ अपार जन सैलाब के साथ गणिनी विभा श्री माता जी (13 पिच्छिका) ससंघ मंदिर परिसर पहुंचा। रास्ते में संगीत...

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ज्ञान आराधना और शास्त्र रक्षा का महापर्व है श्रुत पंचमी : विद्वत् परिषद के तत्वावधान हुई व्याख्यानमाला

श्रुत पंचमी प्राकृत दिवस के रूप में मनाई जाती है।भारत सरकार ने हाल में प्राकृत भाषा को शास्त्रीय भाषा घोषित किया है। श्रुत संरक्षण में जहां एक ओर श्रमण परंपरा...

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अष्टापद तीर्थ में मंगलाचरण मंत्रोच्चार के साथ का पट का उद्घाटन: आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी के सानिध्य में हुआ कार्यक्रम

प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की निर्वाण स्थली अष्टापद बद्रीनाथ के कपाट आचार्यश्री प्रसन्नसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में खोले गए। इस अवसर पर मंगलाचरण और मंगल...

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तेरा-बीस पंथी नहीं आगम पंथी बने : आर्यिका विजिज्ञासा श्री माताजी ने धर्मसभा में दिए संदेश

दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में आर्यिका विजिज्ञासा श्री माताजी विराजित हैं। यहां उनके रोजाना प्रवचन हो रहे हैं। जिन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में...

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हमाओ कछू नैया’ सूत्र का चिंतन करें कर्मों की निर्जरा निश्चित: दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में हुई धर्मसभा

आर्यिका विजिज्ञासाश्री माताजी ने धर्म सभा में प्रवचन देते हुए कहा कि जब तक भेद विज्ञान नहीं होगा तब तक जीवन का आनंद प्राप्त नहीं हो सकता। भेद विज्ञान होना ही...

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